बिहार में मौसम का मिजाज बिगड़ा: पटना समेत 20 जिलों में आंधी-बारिश का ‘डबल अलर्ट’, 60km की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

पटना। 08 अप्रैल 2026: बिहार में मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली है। तपती गर्मी के बीच राज्य के एक बड़े हिस्से में मेघ गर्जन, ओलावृष्टि और तेज आंधी का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना ने बुधवार को राजधानी पटना समेत 20 जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। उत्तर बिहार से लेकर दक्षिण बिहार तक वायुमंडल में बने दबाव के कारण अगले 24 घंटों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ तो कई जगह ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।

​ऑरेंज अलर्ट: उत्तर बिहार में ओलावृष्टि और भारी बारिश का खतरा

​मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर बिहार के जिलों में मौसम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। यहां गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि (Olavrishti) की भी प्रबल संभावना है। निम्नलिखित जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है:

  • प्रमुख जिले: अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, मधुबनी, सुपौल, और दरभंगा।
  • अन्य प्रभावित क्षेत्र: पूर्वी व पश्चिमी चंपारण, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, शिवहर और सीतामढ़ी।

​इन जिलों के किसानों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि तैयार फसलों और फलों (विशेषकर आम और लीची) को ओलावृष्टि से भारी नुकसान पहुँच सकता है।

​पटना और आसपास ‘येलो अलर्ट’: शाम को भीग सकती है राजधानी

​राजधानी पटना में बुधवार की सुबह से ही बादलों की आवाजाही जारी है। मौसम वैज्ञानिकों का पूर्वानुमान है कि राजधानी में शाम या रात के समय गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है।

  • येलो अलर्ट वाले जिले: पटना, वैशाली, सारण, सीवान, गोपालगंज, कटिहार, मधेपुरा और सहरसा।
  • हवा की रफ्तार: इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।

​दक्षिण के मुकाबले उत्तर बिहार में अधिक असर

​मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण बिहार के मुकाबले उत्तर बिहार में बारिश की तीव्रता और प्रसार अधिक रहेगा। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस बारिश और आंधी के बावजूद अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव दर्ज नहीं किया जाएगा। उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिलेगी, लेकिन तापमान स्थिर बना रहेगा।

सावधानी की अपील: मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि आंधी और मेघ गर्जन के समय ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और कच्चे मकानों से दूर रहें। किसान भाई कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा दें।

 

​निष्कर्ष: कटी फसलों पर संकट के बादल

​बिहार में इस वक्त गेहूं की कटनी और थ्रेसिंग का काम जोरों पर है। ऐसे में 60 किमी की रफ्तार से चलने वाली हवाएं और बारिश किसानों की मेहनत पर पानी फेर सकती हैं। कटिहार और मधेपुरा जैसे क्षेत्रों में, जहां फसलें अभी खेतों में हैं, वहां किसान काफी चिंतित हैं। प्रशासन ने बिजली विभाग को भी अलर्ट पर रखा है ताकि तेज हवाओं के कारण होने वाले फॉल्ट को जल्द ठीक किया जा सके।

​अगले दो दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश और आंधी का दौर जारी रहने की उम्मीद है।

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