
पटना/गोपालगंज, 7 अप्रैल 2026: बिहार में प्रशासनिक लापरवाही के मामलों पर सरकार सख्त नजर आ रही है। इसी क्रम में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने गोपालगंज सदर के तत्कालीन भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) मो. फैजान सरवर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है।
काम में शिथिलता और विभागीय निर्देशों की अनदेखी के आरोप में उनकी एक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोक दी गई है।
क्या थे आरोप?
विभागीय जांच में सामने आया कि अधिकारी ने दाखिल-खारिज अपील मामलों और भूमि विवादों के निपटारे में गंभीर लापरवाही बरती।
आरोपों के अनुसार:
- लंबित मामलों का निष्पादन समय पर नहीं किया गया
- विभागीय दिशा-निर्देशों का पालन नहीं हुआ
- कार्य निष्पादन की रैंकिंग लगातार खराब रही
इन कारणों से विभाग ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही माना।
जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ विभाग
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 9 सितंबर 2025 को आरोप पत्र जारी किया था और 24 सितंबर 2025 को लिखित स्पष्टीकरण मांगा था।
हालांकि, अधिकारी द्वारा दिए गए जवाब से विभाग संतुष्ट नहीं हुआ। जांच में यह भी पाया गया कि उनके कार्यकाल के दौरान लंबित मामलों की संख्या काफी अधिक थी, जो उनके दायित्वों के प्रति उदासीनता को दर्शाता है।
रैंकिंग भी रही असंतोषजनक
विभागीय मूल्यांकन में मो. फैजान सरवर की रैंकिंग 46 से 71 के बीच रही, जिसे असंतोषजनक माना गया।
विभाग का मानना है कि इस तरह की कार्यप्रणाली से आम जनता को परेशानी होती है और सरकारी व्यवस्था की छवि पर भी असर पड़ता है।
वर्तमान में मधेपुरा में पदस्थापित
बताया जा रहा है कि मो. फैजान सरवर फिलहाल मधेपुरा में वरीय उप समाहर्ता के पद पर तैनात हैं।
इस कार्रवाई के जरिए विभाग ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि कार्य में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बिहार सरकार की यह कार्रवाई प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। इससे अन्य अधिकारियों को भी समय पर और जिम्मेदारी के साथ काम करने का संकेत मिला है।


