
पटना, 7 अप्रैल 2026: बिहार में ग्रामीण विकास को एक नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ी पहल की है। अब गांवों को सिर्फ पक्की सड़कों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें सीधे राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों से जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा ‘सुलभ संपर्कता योजना’ की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को और मजबूत बनाना है।
1.21 लाख से अधिक बसावटों को मिल चुकी है पक्की सड़क की सुविधा
राज्य में पहले चरण में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना और ग्रामीण टोला संपर्क निश्चय योजना के तहत कुल 1,29,990 संपर्क विहीन ग्रामीण बसावटों की पहचान की गई थी। इनमें से अब तक 1,21,151 बसावटों को 1.20 लाख किलोमीटर से अधिक लंबी पक्की सड़कों से जोड़ा जा चुका है।
बाकी बची बसावटों को भी जल्द ही पक्की सड़कों से जोड़ने का काम तेज़ी से चल रहा है। इस व्यापक अभियान ने ग्रामीण इलाकों में वर्षों पुरानी आवागमन की समस्या को काफी हद तक खत्म कर दिया है।
अब गांव से हाईवे तक सीधा कनेक्शन
सरकार की नई योजना के तहत अब इन बसावटों को सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग (NH), राज्य राजमार्ग (SH) और प्रमुख जिला सड़कों से जोड़ा जाएगा।
राज्य के कई गांवों में अब तक लोगों को मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए संकरे, कच्चे और घुमावदार रास्तों से गुजरना पड़ता था, जो खासकर बारिश के मौसम में बेहद मुश्किल हो जाता था।
नई योजना के तहत:
- नए कनेक्टिंग रोड (थ्रू रूट/बाईपास) बनाए जाएंगे
- जर्जर सड़कों का पुनर्निर्माण किया जाएगा
- संकरी और जाम वाली सड़कों के विकल्प तैयार किए जाएंगे
74 योजनाओं का चयन, कई पर काम शुरू
इस योजना के अंतर्गत अब तक 74 नई परियोजनाओं का चयन किया गया है, जिनमें से 65 को प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है। वहीं, 16 महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है।
सरकार का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द इन योजनाओं को पूरा कर ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ा जाए।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा लाभ
इस पहल का सबसे बड़ा असर बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर देखने को मिलेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से:
- किसानों को बाजार तक पहुंचने में आसानी होगी
- व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी
- रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
- शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बेहतर होगी
आपातकालीन सेवाएं होंगी और तेज़
नई सड़कों के बनने से एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाएं बिना जाम में फंसे सीधे हाईवे तक पहुंच सकेंगी। इससे आपात स्थिति में समय की बचत होगी और लोगों की जान बचाने में मदद मिलेगी।‘सुलभ संपर्कता योजना’ बिहार के ग्रामीण ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। गांवों को सीधे हाईवे से जोड़ने की यह पहल न केवल आवागमन को आसान बनाएगी, बल्कि राज्य के समग्र विकास में भी अहम भूमिका निभाएगी।


