
नई दिल्ली/हिमाचल प्रदेश: कड़ी मेहनत, सही रणनीति और अनुशासन—इन तीनों के दम पर कोई भी सपना हकीकत बन सकता है। इसकी मिसाल हैं , जिन्होंने महज 22 साल की उम्र में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा अपने पहले ही प्रयास में पास कर भारतीय विदेश सेवा (IFS) में जगह बनाई।
शुरुआती दौर से ही तय था लक्ष्य
मुस्कान जिंदल बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रहीं। उन्होंने स्कूल के समय से ही सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य तय कर लिया था।
12वीं कक्षा में शानदार अंक हासिल करने के बाद उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए चंडीगढ़ का रुख किया, जहां उन्होंने बीकॉम (ऑनर्स) की पढ़ाई की और कॉलेज में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया।
ग्रेजुएशन के साथ शुरू की UPSC की तैयारी
मुस्कान ने ग्रेजुएशन के अंतिम वर्ष में ही UPSC की तैयारी शुरू कर दी थी। वह रोजाना करीब 4–5 घंटे पढ़ाई करती थीं और लगातार अपने लक्ष्य पर फोकस बनाए रखती थीं।
हालांकि, उम्र कम होने के कारण वह तुरंत परीक्षा में शामिल नहीं हो सकीं, लेकिन उन्होंने इस समय का उपयोग अपनी तैयारी को और मजबूत बनाने में किया।
पहले ही प्रयास में मिली सफलता
साल 2019 में उन्होंने पहली बार UPSC परीक्षा दी और पहले ही प्रयास में शानदार सफलता हासिल की।
उन्होंने ऑल इंडिया 87वीं रैंक प्राप्त की और भारतीय विदेश सेवा (IFS) के लिए चयनित हुईं। यह उपलब्धि उनकी मेहनत और रणनीति का परिणाम थी।
मोबाइल और इंटरनेट का स्मार्ट इस्तेमाल
मुस्कान की सफलता का एक बड़ा कारण उनका आत्मअनुशासन रहा। उन्होंने मोबाइल और इंटरनेट का उपयोग केवल पढ़ाई से जुड़े कामों के लिए किया और खुद को अनावश्यक चीजों से दूर रखा।
उन्होंने पढ़ाई और मानसिक संतुलन के बीच भी बेहतर तालमेल बनाए रखा, जिससे उनकी तैयारी प्रभावी रही।
परिवार का मिला पूरा साथ
मुस्कान की इस सफलता में उनके परिवार की भूमिका भी अहम रही। उनके माता-पिता ने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया और उन्हें अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहने के लिए प्रेरित किया।
युवाओं के लिए प्रेरणा
आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन चुकी हैं। उनकी कहानी यह सिखाती है कि अगर सही दिशा में मेहनत की जाए, तो कम उम्र में भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।
सफलता का मंत्र
- लक्ष्य स्पष्ट रखें
- नियमित और स्मार्ट पढ़ाई करें
- समय का सही उपयोग करें
- आत्मअनुशासन बनाए रखें
- मानसिक संतुलन पर ध्यान दें


