
पूर्णिया: बिहार के जिले के सिकटी थाना क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। एक नाबालिग लड़की के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म और उसे धमकाने के लिए वीडियो बनाने के आरोप ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सुनसान का फायदा उठाकर वारदात का आरोप
परिजनों के अनुसार, घटना उस समय की है जब गांव में धार्मिक कार्यक्रम (सत्संग) चल रहा था और परिवार के सदस्य उसमें शामिल होने गए थे। इसी दौरान घर पर अकेली मौजूद नाबालिग लड़की बाहर निकली, जहां कुछ युवकों ने उसे जबरन पकड़ लिया। आरोप है कि उसे सुनसान जगह पर ले जाकर अपराध को अंजाम दिया गया।
वीडियो बनाकर डराने का आरोप
शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपियों ने घटना का वीडियो बनाकर पीड़िता को धमकाया, ताकि वह इस बारे में किसी को जानकारी न दे। किसी तरह हिम्मत जुटाकर पीड़िता घर पहुंची और अपनी मां को पूरी घटना बताई, जिसके बाद परिवार में हड़कंप मच गया।
पंचायत के दबाव से शिकायत में देरी
परिजनों का आरोप है कि शुरुआत में गांव स्तर पर मामले को दबाने की कोशिश की गई और पंचायत के जरिए समझौते का दबाव बनाया गया। इसी कारण पुलिस में शिकायत दर्ज कराने में देरी हुई। हालांकि बाद में पीड़िता की मां ने साहस दिखाते हुए थाने पहुंचकर चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया।
पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
सुरक्षा और जागरूकता पर फिर उठे सवाल
यह घटना समाज में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है। साथ ही यह भी सामने आया है कि कई बार सामाजिक दबाव और डर के कारण पीड़ित परिवार समय पर शिकायत नहीं कर पाते, जिससे न्याय में देरी होती है।
प्रशासन की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसे मामलों में बिना किसी डर के तुरंत शिकायत दर्ज कराएं और कानून पर भरोसा रखें। साथ ही प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि पीड़िता को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है।


