मरीन ड्राइव पर 3 महीने में 1 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य: सम्राट चौधरी, विकास के साथ पर्यावरण संतुलन पर जोर

पटना, बिहार में तेजी से हो रहे विकास कार्यों के बीच पर्यावरण संतुलन बनाए रखने पर सरकार ने बड़ा फोकस किया है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि पटना के मरीन ड्राइव क्षेत्र में अगले तीन महीनों के भीतर एक लाख पेड़ लगाए जाएंगे।

“जितने पेड़ कटेंगे, उससे ज्यादा लगाए जाएंगे”

पटना के एक कार्यक्रम में बोलते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य में जहां भी विकास कार्यों के कारण पेड़ों की कटाई होती है, वहां उससे कहीं अधिक संख्या में नए पौधे लगाए जाते हैं।
उन्होंने दावा किया कि पिछले दो दशकों में बिहार में लगातार वृक्षारोपण हुआ है, जिसके कारण वन क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

वन क्षेत्र 6% से बढ़कर 15% तक पहुंचा

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के विभाजन के समय राज्य में केवल 6 प्रतिशत वन क्षेत्र था, जो अब बढ़कर करीब 15 प्रतिशत हो गया है। यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सरकार की बड़ी उपलब्धि है।

मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व पर विशेष ध्यान

“मानव-वन्यजीव: द्वंद से सह-अस्तित्व की ओर” विषय पर आयोजित कार्यशाला में सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष को कम करने के लिए ठोस कदम उठा रही है।

उन्होंने कहा कि वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखना जरूरी है, ताकि टकराव की स्थिति उत्पन्न न हो।

ईको-टूरिज्म और नई परियोजनाओं पर जोर

सरकार राज्य में ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए भी कई योजनाओं पर काम कर रही है।
सम्राट चौधरी ने बताया कि वाल्मीकि नगर में करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से लव-कुश पार्क विकसित किया जा रहा है।

इसके अलावा पटना के मरीन ड्राइव के पास विश्वस्तरीय एक्वेरियम बनाने की योजना पर भी काम चल रहा है। साथ ही राजधानी में वाटर मेट्रो सेवा शुरू करने की तैयारी भी जारी है।

केंद्रीय मंत्री और अन्य नेताओं ने रखे विचार

कार्यक्रम में केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री डॉ. राज भूषण चौधरी ने कहा कि वन्यजीवों के आवास में कमी के कारण मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ा है। उन्होंने वन्यजीव कॉरिडोर के संरक्षण और जनभागीदारी को जरूरी बताया।

वहीं, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि पटना-डोभी ग्रीन कॉरिडोर में पीपल, नीम, पाकड़ और जामुन जैसे देशी प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे।

संतुलन ही है विकास की कुंजी

कार्यक्रम में मौजूद अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी इस बात पर जोर दिया कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है।
वाल्मीकिनगर के सांसद सुनील कुमार ने कहा कि प्रकृति में संतुलन बनाए रखने के लिए मानव और वन्यजीव दोनों का सह-अस्तित्व जरूरी है।

रिपोर्ट का विमोचन और बड़ी भागीदारी

इस अवसर पर भीमबांध वन्यप्राणी आश्रयणी से संबंधित सर्वे रिपोर्ट का भी विमोचन किया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भी बड़ी भागीदारी रही।

सरकार की यह पहल साफ संकेत देती है कि बिहार में विकास की रफ्तार के साथ-साथ हरियाली और पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

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