मेरठ में टूटी शादी: दुल्हन करती रही इंतजार, बारात नहीं पहुंची… सदमे में पिता अस्पताल में भर्ती

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों में भरोसे और सामाजिक मर्यादाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लिसाड़ीगेट क्षेत्र में एक तयशुदा निकाह ऐन वक्त पर टूट गया, जब दूल्हा बारात लेकर ही नहीं पहुंचा। इस घटना ने खुशियों से भरे घर को पलभर में गम में बदल दिया।

क्या है पूरा मामला?
घटना मेरठ के श्यामनगर इलाके की है, जहां एक युवती की शादी उसके परिचित युवक से तय हुई थी। दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध था और परिवार की सहमति के बाद निकाह की तारीख तय की गई थी। शादी की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं और घर में जश्न का माहौल था।

दुल्हन करती रही इंतजार, नहीं आई बारात
शादी के दिन घर को सजाया गया था, मेहमानों के लिए भोजन और अन्य इंतजाम किए गए थे। दुल्हन भी पूरी तरह तैयार होकर अपने नए जीवन की शुरुआत के सपने देख रही थी। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, बारात नहीं पहुंची।

परिजनों ने दूल्हे पक्ष से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन कॉल्स का कोई जवाब नहीं मिला। देर रात तक इंतजार के बाद यह साफ हो गया कि दूल्हा शादी से पीछे हट गया है।

सदमे में पिता की तबीयत बिगड़ी
इस अप्रत्याशित घटना का सबसे बड़ा असर दुल्हन के पिता पर पड़ा। बेटी की शादी टूटने और सामाजिक दबाव के चलते उन्हें गहरा सदमा लगा, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने तुरंत उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है।

दूल्हे पक्ष की अजीब शर्तें
पुलिस जांच के दौरान दूल्हे पक्ष की ओर से जो बातें सामने आईं, वे और भी चौंकाने वाली थीं। बताया गया कि दूल्हे की मां इस रिश्ते से संतुष्ट नहीं थी और उन्होंने कुछ शर्तें रखी थीं। इन्हीं कारणों से अंतिम समय में बारात नहीं निकाली गई।

दुल्हन ने दिखाई हिम्मत
घटना के बाद दुल्हन ने हिम्मत दिखाते हुए पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। उसने दूल्हे और उसके परिवार पर विश्वासघात और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है।

पुलिस की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पहले दोनों पक्षों के बीच समझौते की कोशिश की जा रही है, लेकिन अगर बात नहीं बनती है, तो दूल्हे और उसके परिवार के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।

समाज के लिए बड़ा संदेश
यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि रिश्तों में जिम्मेदारी और पारदर्शिता कितनी जरूरी है। अंतिम समय पर लिया गया ऐसा फैसला न केवल एक परिवार, बल्कि पूरे समाज को प्रभावित करता है।

प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

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