बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती: 6 मेडिकल कॉलेजों में हिमोफीलिया-थैलेसीमिया मरीजों के लिए बनेंगे डे-केयर सेंटर

पटना, बिहार में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी क्रम में अब राज्य के छह प्रमुख मेडिकल कॉलेजों में हिमोफीलिया और थैलेसीमिया से पीड़ित मरीजों के लिए आधुनिक डे-केयर सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। इस पहल से हजारों मरीजों को एक ही स्थान पर बेहतर और नि:शुल्क इलाज की सुविधा मिल सकेगी।

स्वास्थ्य विभाग की इस योजना के तहत पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया और पूर्णिया सहित प्रमुख शहरों के बड़े सरकारी अस्पतालों में इन सेंटरों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इन सेंटरों के शुरू होने के बाद मरीजों को बार-बार अस्पतालों के चक्कर लगाने या दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत काफी हद तक खत्म हो जाएगी।

इन अस्पतालों में बन रहे अत्याधुनिक सेंटर

राज्य के जिन प्रमुख अस्पतालों में डे-केयर सेंटर बनाए जा रहे हैं, उनमें पीएमसीएच पटना, एसकेएमसीएच मुजफ्फरपुर, जेएलएनएमसीएच भागलपुर, एएनएमसीएच गया, जीएमसीएच पूर्णिया और एम्स शामिल हैं। इन सभी संस्थानों में निर्माण कार्य विभिन्न चरणों में जारी है।

इन केंद्रों को इस तरह विकसित किया जा रहा है कि मरीजों को इलाज से जुड़ी सभी जरूरी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हो सकें।

मुफ्त इलाज और आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी

इन डे-केयर सेंटरों की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यहां मरीजों को पूरी तरह नि:शुल्क सेवाएं मिलेंगी। इसमें नियमित ब्लड ट्रांसफ्यूजन, खून की जांच और आवश्यक दवाओं का वितरण शामिल है।

इसके साथ ही आधुनिक मशीनों और तकनीकी संसाधनों से लैस इन केंद्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में इलाज होगा। मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 24 घंटे स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।

राज्य से बाहर जाने की जरूरत होगी कम

अब तक हिमोफीलिया और थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को अक्सर दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था। लेकिन इन डे-केयर सेंटरों के शुरू होने के बाद बिहार में ही उच्च स्तरीय इलाज उपलब्ध हो सकेगा।

इससे न केवल मरीजों का समय और पैसा बचेगा, बल्कि उन्हें अपने ही राज्य में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं भी मिलेंगी।

स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल बिहार के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न सिर्फ गंभीर बीमारियों के इलाज में सुधार होगा, बल्कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।

सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में स्वास्थ्य सुविधाओं को और विस्तार दिया जाए, ताकि हर वर्ग के लोगों को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सके।

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