
पटना, बिहार के सुदूर ग्रामीण इलाकों में अब विकास की नई तस्वीर उभर रही है। वर्षों तक खराब सड़कों, नदी-नालों और सीमित संसाधनों के कारण मुख्यधारा से कटे गांव अब तेजी से बेहतर कनेक्टिविटी से जुड़ रहे हैं। ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा नाबार्ड (NABARD) योजना के तहत राज्य में बड़े पैमाने पर सड़क और पुल निर्माण का कार्य किया गया है, जिससे ग्रामीण जीवन में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।
राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत अब तक 1000 से अधिक पुलों और लगभग 4800 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। इससे न केवल गांवों के बीच दूरी कम हुई है, बल्कि लोगों की आवाजाही अब मौसम पर निर्भर नहीं रही।
2021 सड़कों और 1271 पुलों को मिली थी मंजूरी
इस योजना के तहत राज्यभर में कुल 2,021 ग्रामीण सड़कों और 1,271 पुलों के निर्माण को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई थी। विभाग की सक्रियता के कारण अब तक 1,898 सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका है, जो करीब 4,845 किलोमीटर लंबे पक्के मार्ग के रूप में तैयार हैं।
सड़क निर्माण में नालंदा जिला सबसे आगे रहा है, जहां 203 सड़कों (करीब 370 किलोमीटर) को आम जनता को समर्पित किया जा चुका है। इसके अलावा पटना के ग्रामीण क्षेत्रों में 157 सड़कों (329 किमी), गया में 120 सड़कों (355 किमी) और मुंगेर में 149 सड़कों (203 किमी) का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
कोसी-सीमांचल में पुल बने जीवनरेखा
बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों, खासकर कोसी और सीमांचल क्षेत्रों में पुलों का निर्माण लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। अब तक राज्य में 1,008 पुल बनकर तैयार हो चुके हैं, जिससे आवागमन पहले की तुलना में काफी आसान और सुरक्षित हो गया है।
जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो अररिया में सर्वाधिक 66 पुलों का निर्माण हुआ है। वहीं पूर्णिया और नालंदा में 62-62, किशनगंज में 58 और मधुबनी में 55 पुल बनकर तैयार हो चुके हैं। इन पुलों ने बरसात के मौसम में होने वाली परेशानी और जोखिम को काफी हद तक खत्म कर दिया है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही नई रफ्तार
इस व्यापक नेटवर्क का असर सिर्फ आवागमन तक सीमित नहीं है। बेहतर सड़क और पुल सुविधा के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार के अवसरों को नई गति मिली है। किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी हो रही है, वहीं बच्चों के लिए स्कूल और मरीजों के लिए अस्पताल तक पहुंच अब सरल हो गई है।
ग्रामीण कार्य विभाग का यह प्रयास बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ ग्रामीण जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। नाबार्ड के सहयोग से संचालित यह योजना बिहार को आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
भविष्य की योजनाएं भी तैयार
सरकार का लक्ष्य शेष परियोजनाओं को भी जल्द पूरा करना है, ताकि राज्य के हर गांव तक बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा सके। आने वाले समय में और अधिक सड़कों व पुलों के निर्माण से बिहार के ग्रामीण इलाकों में विकास की रफ्तार और तेज होने की उम्मीद है।


