पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय का खुलासा: बिहार में अपहरण की शुरुआत एक IPS अधिकारी ने करवाई थी

पटना: बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने राजधानी के पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में एक विस्फोटक बयान दिया, जिसने पुलिस महकमे और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। पांडेय ने दावा किया कि बिहार में ‘अपहरण की संस्कृति’ का बीज किसी अपराधी ने नहीं, बल्कि एक IPS अधिकारी ने बोया था।

डकैती रोकने में फेल IPS ने अपराधियों से किया था ‘समझौता’

पांडेय ने बताया कि जब बेतिया और बगहा में डकैतों के दर्जनों गिरोह सक्रिय थे और पुलिस लगातार दबाव में थी, तब आंध्र प्रदेश कैडर के एक अधिकारी ने अपराधियों को डकैती छोड़कर फिरौती के लिए अपहरण करने का रास्ता दिखाया।
पूर्व डीजीपी ने कहा, “इस रणनीति के पीछे मकसद पुलिस रिकॉर्ड में अपराध कम दिखाना और डकैती रोकने में नाकाम रहने का दबाव कम करना था।”

नीतीश कुमार ने खत्म किया ‘किडनैपिंग इंडस्ट्री’

गुप्तेश्वर पांडेय ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जमकर तारीफ की। उनके अनुसार, एक समय बिहार में रोजाना 10-20 अपहरण की घटनाएं होती थीं, जिनमें अधिकांश दर्ज नहीं होती थीं। नीतीश कुमार के प्रयासों से यह अपहरण उद्योग पूरी तरह समाप्त हुआ, और अब लोग रात के 2 बजे भी सुरक्षित रूप से सड़कों पर चल सकते हैं।

जनता की भूमिका पर जोर

पूर्व डीजीपी ने कहा कि पुलिस अकेले अपराध रोकने में सक्षम नहीं है। उन्होंने अपील की कि जनता जात-पात और धर्म से ऊपर उठकर अपराधियों का विरोध करे। पांडेय ने उदाहरण देते हुए कहा, “यदि किसी लड़की के साथ छेड़खानी होती है और भीड़ मूकदर्शक बनी रहती है, तो यह समाज की विफलता है।”

वर्तमान DGP को ‘बेस्ट ऑफिसर’ बताया

पांडेय ने वर्तमान DGP विनय कुमार सिंह की कार्यशैली की सराहना की। उन्होंने बताया कि विनय कुमार सिंह के साथ उन्होंने 25 वर्षों तक विभिन्न पदों पर काम किया है, और उनका भरोसा है कि डीजीपी बिहार में कानून-व्यवस्था सुधारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

नीतीश कुमार का जाना बिहार के लिए बड़ी क्षति

राजनीतिक भविष्य पर चर्चा करते हुए पांडेय ने नीतीश कुमार को बिहार का सबसे यशस्वी मुख्यमंत्री बताया। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास और अपराध नियंत्रण में उनका योगदान अत्यधिक महत्वपूर्ण रहा है। वहीं, मुख्यमंत्री के पुत्र निशांत कुमार के राजनीतिक भविष्य पर पांडेय ने कहा कि वे पढ़े-लिखे और सभ्य हैं, लेकिन उनके अनुभव के बारे में अधिक जानकारी नहीं है।


 

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