
वित्तीय वर्ष 2025-26 पूर्व रेलवे के लिए उपलब्धियों से भरा एक ऐतिहासिक वर्ष साबित हुआ है। इस दौरान रेलवे ने न केवल अपने प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार किया, बल्कि यात्री सुविधाओं, कनेक्टिविटी और परिचालन दक्षता के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को छुआ।
पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक के नेतृत्व में जोन ने विकास और आधुनिकीकरण की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए, जिसका असर आंकड़ों में साफ दिखाई देता है।
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची यात्री संख्या और माल ढुलाई
पूर्व रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025-26 में कुल 1322.84 मिलियन यात्रियों ने इस जोन की सेवाओं का लाभ उठाया। वहीं, औद्योगिक गतिविधियों को मजबूती देते हुए 101.72 मिलियन टन माल ढुलाई दर्ज की गई, जो इस क्षेत्र में रेलवे की मजबूत भूमिका को दर्शाती है।
वित्तीय प्रबंधन के मोर्चे पर भी रेलवे ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। स्क्रैप बिक्री से 600.11 करोड़ रुपये की आय अर्जित की गई, जिससे पिछले वर्ष की तुलना में कुल प्रदर्शन में 11.62% की वृद्धि दर्ज हुई।
नई ट्रेनों और सेवाओं से बेहतर हुई कनेक्टिविटी
पूर्व रेलवे ने इस साल यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई नई सेवाएं शुरू कीं—
- 24 नई मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें, जिनमें 14 अमृत भारत और 2 वंदे भारत स्लीपर शामिल
- 10 यात्री ट्रेनें और 48 ईएमयू सेवाएं, जिनमें 10 एसी ईएमयू
- विभिन्न मार्गों पर अतिरिक्त ठहराव और बेहतर कनेक्टिविटी
इन नई सेवाओं से न केवल यात्रियों को अधिक विकल्प मिले, बल्कि क्षेत्रीय और अंतर-राज्यीय कनेक्टिविटी भी मजबूत हुई।
स्पीड और टाइमिंग में सुधार, सफर हुआ बेहतर
यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के लिए रेलवे ने कई तकनीकी सुधार किए—
- 32 मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की गति 110 से बढ़ाकर 130 किमी/घंटा की गई
- 16 जोड़ी ट्रेनों को सुरक्षित और आधुनिक LHB कोच में बदला गया
- समयबद्धता बढ़कर 84.30% तक पहुंची (पिछले वर्ष 83.53%)
इन सुधारों से यात्रियों को समय पर और अधिक आरामदायक यात्रा का अनुभव मिल रहा है।
भीड़ प्रबंधन और अतिरिक्त सुविधाएं
यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे ने—
- 20 ट्रेनों में 61 अतिरिक्त कोच स्थायी रूप से जोड़े
- विभिन्न सेवाओं में 2050 अस्थायी कोच बढ़ाए
- 5080 स्पेशल ट्रेन ट्रिप संचालित किए, जिससे त्योहारों और पीक सीजन में राहत मिली
सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खास ध्यान
रेलवे ने सुरक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए। 42 लेवल क्रॉसिंग गेटों पर स्लाइडिंग बूम सिस्टम स्थापित किया गया, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना कम हुई और यातायात व्यवस्था अधिक सुरक्षित बनी।
रेलवे अधिकारियों ने बताया ‘टीमवर्क की सफलता’
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझि ने कहा कि यह उपलब्धियां कर्मचारियों की मेहनत और बेहतर प्रबंधन का परिणाम हैं। उन्होंने बताया कि रेलवे का लक्ष्य इसे विश्वस्तरीय परिवहन नेटवर्क के रूप में विकसित करना है।
आगे भी जारी रहेगा विकास का सफर
पूर्व रेलवे की यह उपलब्धियां इस बात का संकेत हैं कि आने वाले समय में भी यात्रियों को और बेहतर सुविधाएं, तेज सेवाएं और मजबूत कनेक्टिविटी मिलने वाली है। रेलवे प्रशासन का फोकस अब तकनीकी उन्नयन और डिजिटल सेवाओं को और आगे बढ़ाने पर है, जिससे सफर और अधिक सुगम और सुरक्षित बन सके।


