
भागलपुर, केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए लेबर कोड के विरोध में देशभर में मनाए जा रहे ‘काला दिवस’ के तहत भागलपुर में भी जोरदार विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। शहर के स्टेशन चौक स्थित डॉ. आंबेडकर गोलंबर के पास विभिन्न ट्रेड यूनियनों से जुड़े मजदूरों ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और अपनी नाराजगी जाहिर की।
इस दौरान बड़ी संख्या में मजदूर, कर्मचारी और यूनियन प्रतिनिधि हाथों में काले झंडे और बैनर लेकर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों को मजदूर विरोधी बताते हुए जमकर नारेबाजी की। मौके पर माहौल पूरी तरह से विरोध के स्वर में नजर आया।
प्रदर्शन में शामिल मजदूरों का कहना था कि नया लेबर कोड श्रमिकों के अधिकारों को कमजोर करेगा और इससे उनका शोषण बढ़ेगा। उनका आरोप था कि सरकार के फैसले बड़े उद्योगपतियों और पूंजीपतियों के हितों को ध्यान में रखकर लिए जा रहे हैं, जबकि मजदूर वर्ग की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
यूनियन नेताओं ने कहा कि लेबर कानूनों में बदलाव से काम के घंटे, वेतन सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
इस मौके पर ऐक्टू के राज्य सह जिला सचिव मुकेश मुक्त ने कहा कि मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए यह संघर्ष लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रेड यूनियनें आने वाले दिनों में और बड़े स्तर पर आंदोलन की रणनीति तैयार कर रही हैं, ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके।
प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक सतर्कता भी देखने को मिली। पुलिस बल मौके पर तैनात रहा ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
इस विरोध प्रदर्शन के जरिए मजदूर संगठनों ने केंद्र सरकार को यह संदेश देने की कोशिश की कि श्रमिक हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जरूरत पड़ी तो आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर और तेज किया जाएगा।


