
भागलपुर में मिड-डे मील से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने स्कूलों में बच्चों के भोजन की गुणवत्ता पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। शाहजंगी गंगोटा मैदान स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में मिड-डे मील खाने के बाद अचानक कई बच्चों की तबीयत बिगड़ गई।
प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, इस घटना में कुल 48 बच्चे बीमार पड़े, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए सदर अस्पताल, भागलपुर में भर्ती कराया गया। बच्चों में पेट दर्द, उल्टी और चक्कर जैसी शिकायतें देखी गईं, जिसके बाद स्कूल प्रशासन और अभिभावकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने तत्परता दिखाते हुए सभी बच्चों का इलाज शुरू किया। राहत की बात यह रही कि एक बच्चे को छोड़कर बाकी सभी बच्चों की हालत में सुधार हुआ और उन्हें इलाज के बाद घर भेज दिया गया। फिलहाल एक बच्चे का इलाज अस्पताल में जारी है और उसकी स्थिति पर डॉक्टरों की लगातार नजर बनी हुई है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी खुद सदर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने भर्ती बच्चों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना और चिकित्सकों को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीएम ने इस पूरे मामले में संबंधित अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
प्रशासन ने मिड-डे मील में गड़बड़ी की आशंका को लेकर जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। भोजन के सैंपल की जांच कराई जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि बच्चों के बीमार होने के पीछे क्या कारण था। साथ ही, स्कूल प्रबंधन और भोजन आपूर्ति से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
सदर अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजू कुमार ने बताया कि सभी बच्चों को समय पर इलाज मिलने के कारण स्थिति नियंत्रण में रही और अधिकांश बच्चों को स्वस्थ होने के बाद छुट्टी दे दी गई।
वहीं, जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
इस घटना के बाद जिले के अन्य स्कूलों में भी मिड-डे मील की गुणवत्ता को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।


