
टीओडी टैरिफ आज से लागू, स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को मिलेगा फायदा; खपत के समय पर निर्भर करेगा बिजली बिल
बिहार में आज यानी 1 अप्रैल 2026 से बिजली उपभोक्ताओं के लिए नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। अब बिजली की दरें पूरे दिन एक समान नहीं रहेंगी, बल्कि समय के अनुसार बदलेंगी। इस नई प्रणाली को टीओडी (Time of Day) टैरिफ कहा जाता है, जिसके तहत सुबह, दिन और शाम के लिए अलग-अलग दरें तय की गई हैं।
यह नई व्यवस्था फिलहाल राज्य के उन उपभोक्ताओं पर लागू होगी, जिनके पास स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगे हैं। कृषि कनेक्शन को इससे बाहर रखा गया है। सरकार का उद्देश्य इस बदलाव के जरिए बिजली की खपत को संतुलित करना और पीक समय में लोड कम करना है।
क्या है नई दरें
नई व्यवस्था के तहत शहरी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दरें तीन हिस्सों में बांटी गई हैं:
- रात 11 बजे से सुबह 9 बजे तक: 3.87 रुपए प्रति यूनिट (जिसमें सरकार की सब्सिडी शामिल है)
- सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक: 2.30 रुपए प्रति यूनिट (सबसे सस्ती दर)
- शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक: 4.61 रुपए प्रति यूनिट (पीक आवर, सबसे महंगी दर)
पहले से क्या बदला
हालांकि पहली नजर में यह व्यवस्था महंगी लग सकती है, लेकिन पीक आवर की दरों में थोड़ी राहत भी दी गई है। पहले उपभोक्ताओं को पीक समय में 5.27 रुपए प्रति यूनिट देना पड़ता था, जो अब घटकर 4.61 रुपए प्रति यूनिट हो गया है। यानी प्रति यूनिट 66 पैसे की कमी आई है।
कैसे बदलेगा आपका बिल
नई व्यवस्था में अब यह मायने रखेगा कि आप बिजली किस समय इस्तेमाल करते हैं। उदाहरण के तौर पर:
- यदि दिन (सुबह 9 से शाम 5 बजे) में 100 रुपए की खपत होती है, तो बिल लगभग 80 रुपए के आसपास आएगा
- वहीं, शाम के पीक आवर (5 से 11 बजे) में 100 रुपए की खपत पर बिल करीब 110 रुपए तक पहुंच सकता है
व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए यह दर और अधिक होगी, जहां पीक समय में 120 प्रतिशत तक शुल्क लिया जाएगा।
किन उपभोक्ताओं पर लागू
यह नई टीओडी टैरिफ फिलहाल राज्य के 87 लाख से अधिक स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले उपभोक्ताओं पर लागू की गई है। पहले यह सुविधा केवल औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं तक सीमित थी, लेकिन अब इसे घरेलू उपभोक्ताओं के लिए भी लागू कर दिया गया है।
सरकार का क्या है मकसद
सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से लोग बिजली का इस्तेमाल सोच-समझकर करेंगे। दिन के समय सस्ती दरों का लाभ उठाकर उपभोक्ता अपने भारी काम जैसे वॉशिंग मशीन, मोटर या अन्य उपकरण चला सकते हैं, जबकि शाम के पीक आवर में कम खपत से बिजली व्यवस्था पर दबाव भी कम होगा
नई व्यवस्था से साफ है कि अब बिजली का बिल केवल खपत पर नहीं, बल्कि समय पर भी निर्भर करेगा। ऐसे में उपभोक्ताओं को अपने उपयोग के तरीके में बदलाव कर फायदा उठाने का मौका मिलेगा।


