
न्यूज डायरी: सचिवालय से सिल्क सिटी तक ‘पावर’ बैकअप की तैयारी
- बड़ी बैठक: सोमवार (30 मार्च, 2026) को बिहार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप (CMG) की एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई।
- प्रमुख एजेंडा: वैश्विक परिदृश्य और आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) की चुनौतियों के बीच आम जनता को गैस, पेट्रोल और डीजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करना।
- डीएम का आश्वासन: भागलपुर जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी ने स्पष्ट किया कि जिले में ईंधन की कोई कमी नहीं है और प्रशासन की टीम 24 घंटे अलर्ट मोड पर है।
- एसएसपी की चेतावनी: वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने अफवाह फैलाने वालों और गलत जानकारी देने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
- तेल कंपनियों से तालमेल: जिले के सभी गैस और तेल डिपो के प्रतिनिधियों के साथ लगातार समन्वय बैठकें की जा रही हैं ताकि किसी भी प्रकार की ‘आर्टिफिशियल स्कैरसिटी’ (कृत्रिम किल्लत) न पैदा हो।
- VOB इनसाइट: 2026 के वर्तमान दौर में जब वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता देखी जा रही है, बिहार सरकार का यह ‘क्राइसिस मैनेजमेंट’ मोड एक प्रिवेंटिव स्ट्राइक (निवारक प्रहार) है। भागलपुर जैसे बड़े व्यापारिक केंद्र में डीजल और गैस की कमी का सीधा असर कीमतों और आम जनजीवन पर पड़ता है। जिलाधिकारी का 24 घंटे कार्य करने का दावा और एसएसपी की ‘अफवाह-रोधी’ चेतावनी यह दर्शाती है कि प्रशासन केवल आपूर्ति ही नहीं, बल्कि मनोवैज्ञानिक स्थिरता (Psychological Stability) पर भी काम कर रहा है। मुख्य सचिव के निर्देशों का पालन करते हुए भागलपुर प्रशासन ने अब सीधे तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों को जवाबदेह बनाया है, जिससे बिचौलियों और कालाबाज़ारी करने वालों के लिए रास्ते बंद हो गए हैं।
भागलपुर | 30 मार्च, 2026
बिहार की प्रशासनिक मशीनरी आज ‘एक्शन मोड’ में दिखी, जब राज्य के मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी आला अधिकारियों के साथ क्राइसिस मैनेजमेंट की पहली बड़ी बैठक की। इस बैठक की गूँज अंग जनपद के मुख्यालय भागलपुर में भी सुनाई दी, जहाँ जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभालते हुए जनता को ऊर्जा सुरक्षा का भरोसा दिलाया। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी वैश्विक या स्थानीय परिस्थिति का बहाना बनाकर आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित न हो और समाज में अराजकता की स्थिति पैदा न हो।
सचिवालय का निर्देश: निर्बाध आपूर्ति और अराजकता पर रोक
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में वर्तमान वैश्विक परिदृश्य और उससे उत्पन्न होने वाली संभावित चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रशासन का मुख्य फोकस एलपीजी (गैस), पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता पर रहा। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि आपूर्ति श्रृंखला में कहीं भी कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए।
विशेष रूप से यह रेखांकित किया गया कि अक्सर आपूर्ति की मामूली कमी को ‘बड़ा संकट’ बताकर कुछ तत्व जमाखोरी और कालाबाज़ारी शुरू कर देते हैं, जिससे बाजार में अराजकता फैलती है। मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सीधे तेल और गैस कंपनियों के डिपो मैनेजरों के संपर्क में रहें और प्रतिदिन के स्टॉक की निगरानी करें।
डीएम डॉ नवल किशोर चौधरी का ’24×7′ विजन: “जनता को घबराने की जरूरत नहीं”
बैठक के समापन के बाद संवाददाताओं से मुखातिब होते हुए भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी ने जिले की स्थिति पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भागलपुर जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है और उनकी टीम 24 घंटे इस मिशन पर कार्य कर रही है कि आम जनों को ईंधन और गैस के लिए परेशान न होना पड़े।
जिलाधिकारी के संबोधन के मुख्य अंश:
- त्वरित निष्पादन: यदि आम जनता की ओर से गैस एजेंसी या पेट्रोल पंप पर आपूर्ति न होने या अधिक दाम वसूलने की कोई भी सूचना आती है, तो उसका निष्पादन तुरंत किया जाएगा।
- कंपनियों के साथ समन्वय: डीएम ने बताया कि वे जिले में सक्रिय सभी प्रमुख तेल एवं गैस कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) के प्रतिनिधियों के साथ लगातार बैठक कर रहे हैं। स्टॉक की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है।
- भरोसा और विश्वास: उन्होंने जनता से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की ‘पैनिक बाइंग’ (डर में आकर अधिक खरीदारी) न करें। आपूर्ति पर्याप्त है और प्रशासन हर एक उपभोक्ता तक पहुँच सुनिश्चित कर रहा है।
एसएसपी प्रमोद कुमार यादव का कड़ा रुख: अफवाहों पर ‘डिजिटल’ पहरा
ईंधन की उपलब्धता के साथ-साथ सुरक्षा और कानून-व्यवस्था भी एक बड़ी चुनौती होती है। भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने इस मामले में पुलिस के कड़े रुख से अवगत कराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में गैस और पेट्रोल की कोई कमी नहीं है, लेकिन कुछ शरारती तत्व अक्सर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से गलत जानकारी फैलाकर लोगों में दहशत पैदा करने की कोशिश करते हैं।
एसएसपी की चेतावनी:
- कठोर कार्रवाई: जो कोई भी इस संबंध में अफवाह फैलाएगा या गलत जानकारी देकर भीड़ इकट्ठा करने की कोशिश करेगा, उस पर कानूनी धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- सोशल मीडिया निगरानी: पुलिस की विशेष टीम सोशल मीडिया हैंडल्स पर नजर रख रही है। भ्रामक पोस्ट करने वालों को चिन्हित कर उन पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
- शांति व्यवस्था: सभी पेट्रोल पंपों और गैस गोदामों के पास गश्ती बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी प्रकार की अराजकता या छीना-झपटी की स्थिति उत्पन्न न हो।


