
समाचार के मुख्य बिंदु: वर्चस्व और विरासत की जंग में धुआं-धुआं हुआ मधुसूदनपुर
- बड़ी वारदात: भागलपुर के मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र में बायपास से सटे बेलसिरा मोड़ पर रविवार को 16 कट्ठा बेशकीमती जमीन के मालिकाना हक को लेकर हिंसक झड़प हुई.
- हवाई फायरिंग: विवाद के दौरान करीब एक दर्जन (12) राउंड हवाई फायरिंग की गई, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई और यातायात कुछ देर के लिए थम गया.
- नामजद आरोपी: पुलिस ने मौके से सुबोध उर्फ झिंगल यादव को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से एक देशी कट्टा, तीन कारतूस और दो खोखा बरामद होने का दावा किया गया है.
- विपरीत दावे: विधायक मिथुन यादव इसे ‘भीड़ से जान बचाने’ का मामला बता रहे हैं, जबकि प्रखंड प्रमुख दुर्गा दयाल इसे ‘जमीन पर कब्जे की साजिश’ करार दे रहे हैं.
- प्राथमिकी दर्ज: जमीन मालिक रंजन यादव की शिकायत पर प्रखंड प्रमुख और उनके भाई सहित 11 लोगों पर केस दर्ज किया गया है.
- VOB इनसाइट: भागलपुर के बायपास इलाकों में जमीन की कीमतें जिस रफ्तार से बढ़ी हैं, उसने स्थानीय रसूखदारों के बीच टकराव को अनिवार्य बना दिया है। बेलसिरा मोड़ की यह घटना केवल दो व्यक्तियों का झगड़ा नहीं, बल्कि दो राजनीतिक ध्रुवों के बीच शक्ति परीक्षण का परिणाम है। जहाँ एक ओर विधायक पक्ष विकास और खरीद-बिक्री की बात कर रहा है, वहीं प्रमुख पक्ष ‘एग्रीमेंट’ और ‘पुश्तैनी हक’ का हवाला दे रहा है। 12 राउंड फायरिंग यह साबित करती है कि कानून का डर रसूख के आगे फीका पड़ता जा रहा है। अब पुलिस की निष्पक्षता ही यह तय करेगी कि यह महज एक हिंसक झड़प थी या किसी बड़े भूमि-विवाद की एक खूनी शुरुआत।
भागलपुर | 30 मार्च, 2026
अंग जनपद की व्यावसायिक धमनियों में से एक, भागलपुर बायपास का बेलसिरा मोड़ रविवार को गोलियों की तड़तड़ाहट और हंगामे का केंद्र बन गया। 16 कट्ठा जमीन का एक टुकड़ा, जो दिखने में महज मिट्टी का ढेर है, रविवार को दो कद्दावर गुटों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया। एक तरफ नाथनगर के विधायक मिथुन यादव की सक्रियता थी, तो दूसरी तरफ प्रखंड प्रमुख दुर्गा दयाल के समर्थकों का कड़ा प्रतिरोध। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे विवाद की जड़ें जितनी गहरी हैं, रविवार को हुआ इसका प्रकटीकरण उतना ही हिंसक और डरावना रहा।
बेलसिरा मोड़ का वो ‘खूनी’ रविवार: जब सरेआम गरजीं बंदूकें
रविवार की दोपहर जब आम लोग बायपास के रास्ते अपनी मंजिलों की ओर बढ़ रहे थे, तभी बेलसिरा मोड़ के पास चीख-पुकार शुरू हुई। 16 कट्ठा जमीन की घेराबंदी और उसकी सफाई को लेकर दो गुट आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर चलने लगे। चश्मदीदों के अनुसार, विवाद की तपिश इतनी बढ़ी कि हथियारों का प्रदर्शन शुरू हो गया। करीब 12 राउंड हवाई फायरिंग की आवाज ने आसपास के दुकानों के शटर गिरवा दिए और राहगीरों ने अपनी गाड़ियां जहां-तहां खड़ी कर दीं।
सूचना मिलते ही मधुसूदनपुर थानाध्यक्ष सुनील कुमार मंडल दलबल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस को देखकर कई लोग भागने में सफल रहे, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर सुबोध उर्फ झिंगल यादव को दबोच लिया। सुबोध के पास से हथियार बरामद होना इस मामले को कानूनी रूप से और भी गंभीर बना देता है।
पिंकी देवी का आरोप: “साजिश के तहत पति को फंसाया गया”
इस घटना का सबसे पेचीदा पहलू तब सामने आया जब गिरफ्तार सुबोध की पत्नी पिंकी देवी ने मीडिया के सामने आकर कई गंभीर आरोप लगाए। पिंकी देवी के अनुसार, यह जमीन विवाद आज का नहीं बल्कि 50 साल पुराना है। उनका दावा है कि विधायक मिथुन यादव के पिता के समय से ही उनकी सास पर जमीन लिखवाने का दबाव बनाया जा रहा था, और अब वही काम विधायक के संरक्षण में किया जा रहा है।

पिंकी देवी ने आरोप लगाया कि रविवार को उनके पति सुबोध केवल अपनी पुश्तैनी जमीन की देखरेख करने गए थे। वहां विधायक के समर्थकों ने उन्हें पकड़ा, बेरहमी से पीटा और फिर साजिश के तहत उनके हाथ में कट्टा थमाकर पुलिस को बुला लिया। पिंकी देवी के ये आरोप विधायक के दावों के ठीक विपरीत हैं और पुलिस के लिए जांच का एक बड़ा केंद्र बिंदु बन गए हैं।
विधायक मिथुन यादव का पक्ष: “भीड़ से बचाने का किया काम”
दूसरी ओर, विधायक मिथुन यादव ने पूरे घटनाक्रम को अलग नजरिए से पेश किया है। उन्होंने बताया कि किशनपुर निवासी रंजन यादव से उन्होंने यह 16 कट्ठा जमीन खरीदने का सौदा तय किया था। सौदा इस शर्त पर हुआ था कि रंजन यादव जमीन की मापी कराकर उसे साफ करके देंगे।
विधायक के अनुसार, रविवार को जब वे बायपास के रास्ते गुजर रहे थे, तो उन्होंने फायरिंग की आवाज सुनी। मौके पर पहुँचने पर उन्होंने देखा कि एक उत्तेजित भीड़ सुबोध यादव को पीट रही है। विधायक का दावा है कि उन्होंने और उनके अंगरक्षक ने मानवता के नाते सुबोध को भीड़ से बचाया और पुलिस के हवाले किया। उन्होंने इसे प्रखंड प्रमुख दुर्गा दयाल के समर्थकों द्वारा इलाके में दहशत फैलाने की एक नाकाम कोशिश करार दिया।
प्रखंड प्रमुख का पलटवार: “हमारा है कानूनी एग्रीमेंट”
विवाद का दूसरा पक्ष प्रखंड प्रमुख दुर्गा दयाल का है। दुर्गा दयाल ने स्पष्ट रूप से कहा कि उक्त जमीन का एग्रीमेंट उन्होंने अपने पार्टनर रंजन सिंह के साथ काफी पहले ही कर लिया है। उनके अनुसार, विधायक पक्ष सत्ता और पद की धमक दिखाकर गलत तरीके से जमीन पर कब्जा करना चाहता है। प्रमुख ने भी सुबोध को ‘साजिश का शिकार’ बताया और कहा कि विधायक पक्ष के लोगों ने उसे पीटकर और हथियार थमाकर पुलिस को सौंपा है। प्रमुख के इस दावे ने जमीन के असली मालिकाना हक और ‘डबल एग्रीमेंट’ की संभावनाओं को हवा दे दी है।
पुलिसिया पड़ताल और साक्ष्यों का संकलन
नगर डीएसपी-2 राकेश कुमार ने इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से लिखित शिकायतें मिली हैं और पुलिस हर बिंदु पर बारीकी से जांच कर रही है। मधुसूदनपुर थाने में जमीन मालिक रंजन यादव ने प्रमुख दुर्गा दयाल और उनके भाई समेत 11 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसमें जबरन जमीन बेचने का दबाव बनाने का आरोप है।
पुलिस अब निम्नलिखित साक्ष्यों पर काम कर रही है:
- सीसीटीवी फुटेज: बायपास मार्ग और आसपास के प्रतिष्ठानों में लगे कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
- वायरल वीडियो: सोशल मीडिया पर चल रहे उस वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है जिसमें मारपीट और फायरिंग की गतिविधियां दिख रही हैं।
- बैलिस्टिक रिपोर्ट: बरामद कट्टे और खोखों की जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि फायरिंग उसी हथियार से हुई थी या नहीं।


