बिहार में शराब माफियाओं के खिलाफ निर्णायक जंग, गांव-गांव चलेगा सघन अभियान

सारण (बिहार): जिले में मद्य निषेध कानून को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और वरीय पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार ने समीक्षा बैठक के दौरान शराब माफियाओं के खिलाफ व्यापक और निर्णायक अभियान चलाने का ऐलान किया। अब कार्रवाई केवल बड़े ठिकानों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि गांव-गांव में सघन छापेमारी अभियान चलाया जाएगा।

अभियान की सबसे खास बात यह है कि पुलिस अब शराब के पूरे नेटवर्क—बनाने वाले, बेचने वाले और सेवन करने वाले—सभी पर एक साथ कार्रवाई करेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए स्थानीय सूचना तंत्र को और मजबूत किया जाएगा।

पंचायत स्तर पर तय होगी जिम्मेदारी

प्रशासन ने सूचना संकलन को मजबूत करने के लिए विकेंद्रीकृत व्यवस्था लागू की है। अब थाना स्तर पर पुलिस अधिकारियों और जवानों को अलग-अलग पंचायतों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये अधिकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पीडीएस डीलरों, जीविका समूहों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बनाकर सूचनाएं जुटाएंगे।

इसके अलावा, मद्य निषेध टीमों को नियमित रूप से चौकीदारी परेड में शामिल कर सूचना साझा करने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, ताकि हर स्तर पर निगरानी मजबूत हो सके।

कड़ी कानूनी कार्रवाई और तय समय-सीमा

समीक्षा बैठक में चिन्हित शराब कारोबारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सीसीए (CCA) के तहत निरोधात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव भेजने को कहा गया है।

जब्त वाहनों के मामलों में भी सख्ती दिखाई गई है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि 30 दिनों के भीतर वाहन अधिहरण का प्रस्ताव भेजा जाए, जबकि 10 अप्रैल तक सभी लंबित वाहनों का मूल्यांकन पूरा किया जाए। इसके लिए मोटर वाहन निरीक्षक (MVI) को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

साथ ही, शराब विनष्टीकरण की प्रक्रिया को तेज करते हुए थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि जब्ती के 15 दिनों के भीतर सभी औपचारिकताएं पूरी की जाएं।

रिकॉर्ड छापेमारी और जन-जागरूकता पर जोर

बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक वर्ष में जिले में 1.24 लाख से अधिक छापेमारी की गई, जिसमें 11,339 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 5.87 लाख लीटर से अधिक अवैध शराब बरामद की गई।

वहीं, वर्ष 2026 के पहले तीन महीनों में ही 1.5 लाख लीटर से अधिक शराब जब्त की जा चुकी है, जो प्रशासन की सक्रियता को दर्शाता है।

प्रशासन ने केवल कार्रवाई तक सीमित न रहते हुए सामाजिक जागरूकता पर भी जोर दिया है। जीविका समूहों के माध्यम से ‘जनचौपाल’ आयोजित कर लोगों को मद्य निषेध के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस उच्चस्तरीय बैठक में जिले के सभी अनुमंडल पदाधिकारी, डीएसपी और उत्पाद विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

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