
समाचार के मुख्य बिंदु: राजधानी में ड्रग्स सिंडिकेट के खिलाफ ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
- बड़ी सफलता: पटना पुलिस और जिला सूचना इकाई (DIU) की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मादक पदार्थों की एक बड़ी खेप बरामद की है।
- करोड़ों की जब्ती: आलमगंज और रामकृष्णानगर थाना क्षेत्रों में हुई छापेमारी में लगभग 26 किलो नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है।
- सरगना गिरफ्तार: पुलिस ने मास्टरमाइंड जितेंद्र पासवान (निवासी- समस्तीपुर) को उसके तीन अन्य साथियों के साथ दबोच लिया है।
- हथियारों का जखीरा: नशे के साथ-साथ पुलिस ने अपराधियों के पास से पिस्टल, कट्टा, जिंदा कारतूस और भारी मात्रा में नगदी भी बरामद की है।
- विविध नशा: जब्त किए गए माल में स्मैक, हेरोइन, गांजा और प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन शामिल हैं।
- VOB इनसाइट: पटना अब ड्रग्स तस्करी के लिए केवल ‘ट्रांजिट पॉइंट’ नहीं, बल्कि ‘कंजम्पशन हब’ (खपत केंद्र) बनता जा रहा है। रिहायशी इलाकों के अपार्टमेंट्स को ड्रग्स स्टोर के रूप में इस्तेमाल करना पुलिस के लिए एक नई और बड़ी चुनौती है।
पटना | 28 मार्च, 2026
बिहार की राजधानी पटना में ‘सूखा नशा’ (Synthetic Drugs) के बढ़ते कारोबार के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। आलमगंज और रामकृष्णानगर इलाकों में चले घंटों के सर्च ऑपरेशन ने ड्रग्स माफियाओं की कमर तोड़ दी है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, तस्करों ने एक पॉश अपार्टमेंट के फ्लैट को अपना मुख्य गोदाम बना रखा था, जहाँ से शहर के युवाओं को मौत का सामान सप्लाई किया जा रहा था।
दो थानों की पुलिस और डीआईयू का साझा जाल
शुक्रवार की देर रात और शनिवार की अलसुबह पुलिस की विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर दो अलग-अलग लोकेशंस पर धावा बोला।
1. अगमकुआं और आलमगंज की कार्रवाई:
पुलिस को सूचना मिली थी कि अगमकुआं स्थित आयरन फैक्ट्री के पास एक अपार्टमेंट के फ्लैट में संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। पुलिस ने वहां घेराबंदी कर सरगना जितेंद्र पासवान समेत दो तस्करों को रंगे हाथों पकड़ा। इनके पास से शुरुआती तौर पर 1 किलो उच्च गुणवत्ता वाला मादक पदार्थ मिला।
2. खेमनीचक (त्रिकूट नगर) में ‘ड्रग्स हाउस’ का भंडाफोड़:
गिरफ्तार जितेंद्र पासवान ने पुलिस की कड़ी पूछताछ में अपने असली ठिकाने का खुलासा किया। उसकी निशानदेही पर रामकृष्णानगर थाना क्षेत्र के खेमनीचक स्थित त्रिकूट नगर में छापेमारी की गई। यहाँ एक मकान के तीसरे तल पर बने गुप्त कमरे से लगभग 25 किलो मादक पदार्थों का जखीरा बरामद हुआ।
जब्ती की सूची: नशे के साथ मौत का सामान
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बरामदगी का विवरण इस प्रकार है:
मद (Items) | मात्रा / विवरण |
|---|---|
कुल मादक पदार्थ | लगभग 26 किलोग्राम (स्मैक, हेरोइन, गांजा) |
नशीले इंजेक्शन | भारी मात्रा में (प्रतिबंधित दवाएं) |
हथियार | 01 पिस्टल, 01 देशी कट्टा |
कारतूस | कई जिंदा गोलियां |
नगदी | लाखों रुपये (सटीक गिनती जारी) |
गिरफ्तारी | 04 मुख्य तस्कर (सरगना समेत) |
रिहायशी इलाकों में फल-फूल रहा ‘मौत का धंधा’
पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि तस्करों ने भीड़भाड़ वाले रिहायशी इलाकों को अपना सेफ हाउस बनाया था। खेमनीचक के जिस घर से 25 किलो ड्रग्स मिला, वहां किसी को शक भी नहीं था कि तीसरे तल पर करोड़ों का अवैध कारोबार चल रहा है। जितेंद्र पासवान, जो मूल रूप से समस्तीपुर का रहने वाला है, वह पटना में इस पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था। बरामद पिस्टल और कट्टा इस बात की ओर इशारा करते हैं कि यह गिरोह तस्करी के साथ-साथ गंभीर वारदातों में भी शामिल रहा है।
VOB का नजरिया: युवाओं को निगल रहा ‘स्मैक’ का जहर
’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में स्मैक और हेरोइन की बरामदगी यह संकेत देती है कि पटना के शिक्षण संस्थानों और हॉस्टलों के आसपास ड्रग्स की मांग तेजी से बढ़ी है।
- नेटवर्क की गहराई: गिरफ्तार तस्कर केवल प्यादे हो सकते हैं; असली ‘ड्रग्स लॉर्ड्स’ (Drugs Lords) अभी भी पर्दे के पीछे हो सकते हैं जो पड़ोसी देशों या राज्यों से इसकी सप्लाई चेन मैनेज कर रहे हैं।
- अभिभावकों के लिए चेतावनी: रिहायशी इलाकों में ऐसे फ्लैट्स का मिलना चिंताजनक है। मकान मालिकों को किराएदार रखने से पहले उनका पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से कराना चाहिए।
- पुलिस की तत्परता: डीआईयू (DIU) की यह सक्रियता सराहनीय है, लेकिन अब जरूरत है इन अपराधियों के बैंक खातों और ‘मनी ट्रेल’ (पैसे के स्रोत) की जांच करने की।
सुशासन और नशा मुक्त बिहार का संकल्प
पटना पुलिस के आला अधिकारी इस मामले में जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आगे के बड़े नेटवर्क के खुलासे का दावा कर रहे हैं। फिलहाल चारों आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ जारी है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) इन तस्करों के अंतरराष्ट्रीय लिंक, मोबाइल से बरामद हुए संदिग्ध नंबरों और पुलिस की अगली चार्जशीट की हर ताज़ा अपडेट आप तक सबसे पहले पहुँचाता रहेगा।


