
बिहार की सियासी गरमा‑गरम चर्चाओं को जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने आज साफ कर दिया है। पटना में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने स्पष्ट किया कि नीतीश कुमार 30 मार्च को विधान परिषद (MLC) की सदस्यता से इस्तीफा देंगे, लेकिन इसका मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से कोई संबंध नहीं है।
संजय झा ने कहा कि नीतीश कुमार का MLC पद से इस्तीफा देना संवैधानिक प्रक्रिया के अनुसार है, जिसमें किसी भी निर्वाचित सदस्य को 14 दिनों के भीतर अपनी सदस्यता से इस्तीफा देने की अनिवार्यता होती है। इसी प्रक्रिया के तहत 30 मार्च को इस्तीफा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा,
“ये सिर्फ विधान परिषद सदस्यता से इस्तीफा होगा, इसका मतलब यह नहीं कि 30 मार्च को ही मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दिया जाएगा।”
जब उनसे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की तारीख के बारे में सवाल किया गया, तो संजय झा ने फिलहाल इस पर कोई तारीख या स्पष्ट औपचारिक जवाब नहीं दिया।
संजय झा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग राजनीतिक रूप से धरातल पर टिक नहीं पा रहे हैं, इसलिए इस मुद्दे को असुविधाजनक तरीके से उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जेडीयू और नीतीश कुमार की पार्टी मजबूत स्थिति में है, और ऐसे अनावश्यक सवालों को बढ़ावा नहीं देना चाहिए।
विशेष है कि संविधान के मुताबिक कोई भी व्यक्ति बिना किसी सदन का सदस्य रहे भी उच्चतम 6 महीने तक मुख्यमंत्री पद पर बने रह सकता है। इसका मतलब यह है कि यदि 30 मार्च को नीतीश कुमार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा भी दे देते हैं, तो भी वे बिना सदस्यता के अगले छह महीने तक बिहार के मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं।


