
समाचार के मुख्य बिंदु: नाथनगर में दो नाबालिग छात्राओं के रहस्यमयी ढंग से गायब होने पर बढ़ी चिंता
- बड़ी घटना: मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र के एक गांव से 20 मार्च से दो नाबालिग चचेरी बहनें लापता हैं।
- छात्राओं का विवरण: एक छात्रा की उम्र 15 साल और दूसरी की 16 साल है; दोनों एक साथ घर से निकली थीं।
- पुलिस की कार्रवाई: थानाध्यक्ष संजय मंडल ने बताया कि छात्राओं की बरामदगी के लिए तकनीकी और मानवीय पहलुओं पर जांच जारी है।
- डीएसपी से मुलाकात: बुधवार को बदहवास माता-पिता ने डीएसपी टू राकेश कुमार से मिलकर अपनी बेटियों को खोजने की गुहार लगाई।
- पुराना इतिहास: पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि इनमें से एक छात्रा जनवरी में भी घर छोड़कर भाग गई थी, जिसे मोकामा से बरामद किया गया था।
- VOB इनसाइट: नाथनगर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में नाबालिग लड़कियों के घर छोड़ने की बढ़ती घटनाएं सामाजिक और पारिवारिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़ा करती हैं।
नाथनगर / भागलपुर | 26 मार्च, 2026
भागलपुर के नाथनगर स्थित मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र में दो नाबालिग सगी चचेरी बहनों के लापता होने के मामले ने पुलिस और परिजनों की नींद उड़ा रखी है। बीते 20 मार्च से गायब इन छात्राओं का अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, 15 और 16 वर्ष की ये किशोरियां घर से किसी को बिना कुछ बताए निकली थीं, जिसके बाद से उनका मोबाइल और संपर्क पूरी तरह बंद है।
परिजनों की गुहार और डीएसपी की सक्रियता
बेटियों के लापता होने के पांच दिन बीत जाने के बाद भी जब कोई खबर नहीं मिली, तो बुधवार को पीड़ित माता-पिता ने डीएसपी टू राकेश कुमार के कार्यालय पहुँचकर न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे किसी अनहोनी की आशंका से डरे हुए हैं।
डीएसपी राकेश कुमार ने परिजनों को सांत्वना देते हुए बताया कि पुलिस मामले को पूरी संजीदगी से ले रही है। हालांकि, उन्होंने एक महत्वपूर्ण तथ्य का भी खुलासा किया। डीएसपी के अनुसार, लापता दो छात्राओं में से एक छात्रा पहले भी इसी साल जनवरी महीने में गुस्से में आकर घर छोड़कर भाग गई थी। उस समय पुलिस की सक्रियता से उसे मोकामा रेलवे स्टेशन से सुरक्षित बरामद कर लिया गया था। पुलिस अब इस बिंदु पर भी गौर कर रही है कि क्या इस बार भी यह मामला आपसी विवाद या घर से भागने का है, या फिर इसमें कोई बाहरी गिरोह संलिप्त है।
पुलिसिया जांच के प्रमुख बिंदु: तकनीकी साक्ष्यों की तलाश
मधुसूदनपुर थानाध्यक्ष संजय मंडल के नेतृत्व में एक टीम छात्राओं के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। पुलिस की जांच मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर केंद्रित है:
- सीडीआर (CDR) जांच: छात्राओं के मोबाइल नंबर (यदि उपलब्ध हों) या उनके करीबी दोस्तों के कॉल रिकॉर्ड्स की जांच की जा रही है ताकि अंतिम लोकेशन और संपर्क का पता चल सके।
- रेलवे और बस स्टैंड: भागलपुर जंक्शन, मोकामा और पटना जैसे प्रमुख स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
- मित्र मंडली से पूछताछ: स्कूल और ट्यूशन के उन साथियों से पूछताछ की जा रही है जिनसे छात्राएं अक्सर बात करती थीं।
VOB का नजरिया: क्या पारिवारिक समन्वय में आ रही है कमी?
’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि किशोर उम्र में बच्चों का बार-बार घर छोड़कर भागना एक चिंताजनक संकेत है।
- काउंसलिंग की कमी: जनवरी में छात्रा के बरामद होने के बाद क्या उसकी सही ढंग से मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग की गई थी? अक्सर बच्चे दबाव या संवाद की कमी के कारण ऐसे कदम उठाते हैं।
- सोशल मीडिया का प्रभाव: पुलिस को छात्राओं के सोशल मीडिया अकाउंट्स (जैसे इंस्टाग्राम या फेसबुक) की भी जांच करनी चाहिए, क्योंकि कई मामलों में किशोरियां ऑनलाइन दोस्ती के जाल में फंसकर घर छोड़ देती हैं।
- पुलिस की जवाबदेही: लापता होने के 6 दिन बीत जाने के बाद भी सुराग न मिलना पुलिस की सूचना तंत्र पर भी सवाल उठाता है।
बरामदगी की चुनौती
फिलहाल, मधुसूदनपुर पुलिस और डीएसपी कार्यालय इस मामले में जल्द बड़ी सफलता मिलने का दावा कर रहे हैं। परिजनों की उम्मीदें अब पुलिस की ‘सर्विलांस’ टीम पर टिकी हैं। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ इस संवेदनशील मामले में छात्राओं की बरामदगी और पुलिस जांच की हर ताज़ा अपडेट आप तक सबसे पहले पहुँचाता रहेगा।


