देश में रसोई गैस के नियमों में बड़ा बदलाव! पीएनजी वाले क्षेत्रों में अब नहीं मिलेगा एलपीजी सिलेंडर; सरकार ने दी 3 महीने की मोहलत, किराएदारों के लिए भी नई शर्त

समाचार के मुख्य बिंदु: रसोई गैस वितरण प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

  • बड़ा फैसला: केंद्र सरकार ने आदेश जारी किया है कि जिन इलाकों में पीएनजी (Piped Natural Gas) का नेटवर्क पहुँच चुका है, वहां अब एलपीजी (LPG) सिलेंडर की आपूर्ति बंद की जाएगी।
  • अंतिम समय-सीमा: पेट्रोलियम मंत्रालय ने उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन लेने के लिए 3 महीने का समय दिया है; इसके बाद गैस सिलेंडर की सप्लाई रोक दी जाएगी।
  • किरायेदारों के लिए नियम: किराएदारों को मकान मालिक के नाम पर ही पीएनजी कनेक्शन लेना होगा। मकान मालिक के मना करने पर पीएनजी एजेंसी से एनओसी (NOC) मिलने के बाद ही एलपीजी सिलेंडर मिल पाएगा।
  • तकनीकी छूट: जिन घरों या क्षेत्रों में तकनीकी कारणों से पाइपलाइन बिछाना संभव नहीं है, वहां एनओसी के आधार पर सिलेंडर की आपूर्ति जारी रहेगी।
  • अफवाहों पर विराम: सरकार ने स्पष्ट किया है कि ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध के बावजूद देश में पेट्रोल, डीजल और गैस की कोई कमी नहीं है। रिफाइनरी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं।
  • VOB इनसाइट: यह आदेश एलपीजी के परिवहन खर्च को कम करने और सुरक्षित पीएनजी को बढ़ावा देने की एक बड़ी कवायद है, लेकिन किराएदारों और मकान मालिकों के बीच इससे विवाद बढ़ने की आशंका है।

नई दिल्ली / भागलपुर | 26 मार्च, 2026

​ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच बढ़ते वैश्विक तनाव और युद्ध की स्थितियों के बीच केंद्र सरकार ने देश की घरेलू ऊर्जा सुरक्षा को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण और कड़ा फैसला लिया है। बुधवार को पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब देश के उन सभी शहरी इलाकों में जहाँ पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) की पाइपलाइन बिछ चुकी है, वहां पारंपरिक एलपीजी गैस सिलेंडर का उपयोग प्रतिबंधित किया जा रहा है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कदम संसाधनों के कुशल प्रबंधन और स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है।

तीन महीने का ‘अल्टीमेटम’: एलपीजी सिलेंडर को कहनी होगी विदाई

​पेट्रोलियम मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने प्रेस वार्ता के दौरान सख्त लहजे में कहा कि सरकार अब दोहरी आपूर्ति व्यवस्था को जारी रखने के पक्ष में नहीं है।

आदेश की मुख्य बातें:

  1. अनिवार्य कनेक्शन: जिन क्षेत्रों में गेल (GAIL), आईओसीएल (IOCL) या अन्य कंपनियों का पीएनजी नेटवर्क उपलब्ध है, वहां के उपभोक्ताओं को अनिवार्य रूप से पाइप कनेक्शन लेना होगा।
  2. आपूर्ति बंद: यदि उपभोक्ता अगले तीन महीनों के भीतर पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन नहीं करते हैं, तो उनकी एलपीजी एजेंसी से मिलने वाली सिलेंडर की आपूर्ति स्वतः बंद कर दी जाएगी।
  3. पैनिक बुकिंग पर रोक: सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे युद्ध की खबरों के बीच घबराहट में आकर गैस सिलेंडरों की एक्स्ट्रा बुकिंग न करें। देश में ईंधन का भंडार पर्याप्त है और रिफाइनरी अपनी पूरी क्षमता के साथ उत्पादन कर रही हैं।

किरायेदार और मकान मालिक: एनओसी (NOC) का नया पेंच

​इस नए सरकारी आदेश का सबसे बड़ा असर उन लाखों लोगों पर पड़ेगा जो किराए के मकानों में रहते हैं। सरकार ने किराएदारों के लिए स्थिति स्पष्ट कर दी है:

  • मकान मालिक का नाम: पीएनजी कनेक्शन मकान की संपत्ति से जुड़ा होता है, इसलिए यह मकान मालिक के नाम पर ही जारी होगा।
  • सहमति की अनिवार्यता: यदि मकान मालिक पीएनजी लगवाने के लिए तैयार नहीं होता है, तो किराएदार को एक कठिन प्रक्रिया से गुजरना होगा। उसे पीएनजी वितरण एजेंसी के पास जाकर यह साबित करना होगा कि मकान मालिक ने सहमति नहीं दी है।
  • एनओसी का आधार: एजेंसी द्वारा जांच के बाद जब ‘अनापत्ति प्रमाण पत्र’ (NOC) जारी किया जाएगा, तभी वह किराएदार अपने पुराने एलपीजी कनेक्शन को चालू रख पाएगा।

तकनीकी अपवाद और सुरक्षा मानक

​सरकार ने उन उपभोक्ताओं के लिए राहत का रास्ता भी खुला रखा है जहाँ पाइपलाइन पहुँचाना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।

  • व्यवहार्यता रिपोर्ट: यदि किसी संकरी गली या बहुमंजिला इमारत के किसी खास हिस्से में तकनीकी कारणों से पाइपलाइन नहीं बिछाई जा सकती, तो वितरण एजेंसी वहां ‘नो-सर्विस’ की रिपोर्ट देगी।
  • निर्बाध एलपीजी: ऐसी स्थिति में उपभोक्ता को एनओसी दी जाएगी और वह बिना किसी बाधा के गैस सिलेंडर का उपयोग पहले की तरह कर सकेगा।
  • सुरक्षा प्रोटोकॉल: सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि सभी पीएनजी कनेक्शन ‘पीएनजीआरबी’ (PNGRB) के कड़े सुरक्षा मानकों के तहत ही दिए जाएंगे।

VOB का नजरिया: सुशासन या उपभोक्ताओं पर बोझ?

​’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि भागलपुर और पटना जैसे शहरों में जहाँ पीएनजी का काम तेजी से चल रहा है, वहां इस आदेश का बड़ा प्रभाव पड़ेगा।

  1. आर्थिक लाभ: पीएनजी एलपीजी के मुकाबले सस्ती है और इसमें ‘जितना जलाओ, उतना चुकाओ’ की सुविधा है। लेकिन ₹4500 की सुरक्षा जमा राशि कई मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए एकमुश्त बोझ हो सकती है।
  2. किरायेदारों का संघर्ष: मकान मालिक अक्सर पाइप बिछाने के लिए दीवारों में छेद करने या स्थायी फिटिंग की अनुमति नहीं देते। ऐसे में किराएदारों को एनओसी के लिए एजेंसियों के चक्कर काटने पड़ सकते हैं।
  3. अफवाहों का बाजार: वैश्विक युद्ध के बीच ऐसे कड़े आदेश आने से जनता में डर बैठना स्वाभाविक है। सरकार को जिला स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है ताकि लोग पैनिक न हों।

डिजिटल और स्वच्छ ऊर्जा का भविष्य

​पेट्रोलियम मंत्रालय का यह कदम यह साफ करता है कि आने वाले समय में एलपीजी सिलेंडर केवल दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों या उन क्षेत्रों तक सीमित रह जाएगा जहाँ पाइपलाइन नेटवर्क नहीं है। भागलपुर के उपभोक्ता जो पहले से ही स्मार्ट सिटी के तहत पीएनजी की प्रतीक्षा कर रहे हैं, उनके लिए अब कनेक्शन लेना केवल एक सुविधा नहीं बल्कि कानूनी अनिवार्यता बन गया है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ पीएनजी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया और आपके क्षेत्र में इसकी उपलब्धता की हर अपडेट आप तक सबसे पहले पहुँचाता रहेगा।

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