भागलपुर में ‘जिस्मफरोशी’ के काले धंधे का महाखुलासा! बुआ ने ही भतीजी को बनाया ‘शिकार’; आरोपी के मोबाइल ने बढ़ाई कई सफेदपोशों की धड़कन

समाचार के मुख्य बिंदु: सतीश सरकार लेन में पुलिस की बड़ी कार्रवाई

  • बड़ा खुलासा: भागलपुर के जोगसर थाना क्षेत्र अंतर्गत सतीश सरकार लेन में चल रहे अनैतिक देह व्यापार रैकेट का पर्दाफाश।
  • रिश्तों का कत्ल: बांका की गिरफ्तार महिला ने किया सनसनीखेज खुलासा— सगी बुआ ने ही पैसों के लालच में उसे इस दलदल में धकेला।
  • कमीशन का खेल: प्रति कस्टमर 1000 से 1500 रुपये की वसूली; आरोपी संजीत कुमार कर्ण हर ग्राहक पर लेता था 500 रुपये का कमीशन।
  • डिजिटल सबूत: मुख्य आरोपी का मोबाइल जब्त, जिसमें शहर के कई ‘रसूखदार’ ग्राहकों के नाम और नंबर होने की पुष्टि।
  • सिटी एसपी की दबिश: सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह ने प्रेस वार्ता कर पूरे गिरोह के नेटवर्क और कार्यशैली की जानकारी दी।
  • VOB इनसाइट: पॉश इलाकों में किराए का मकान लेकर चल रहे ऐसे ‘हाई-टेक’ रैकेट समाज की नैतिकता और सुरक्षा दोनों के लिए बड़ा खतरा हैं।

भागलपुर | 26 मार्च, 2026

​सिल्क सिटी भागलपुर के जोगसर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक ऐसे देह व्यापार गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसकी जड़ें रिश्तों की बेड़ियों को तोड़कर अपराध की जमीन तक फैली हुई थीं। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, सतीश सरकार लेन स्थित एक किराए के मकान में चल रहे इस अनैतिक धंधे ने शहर के मध्यम वर्गीय इलाकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बुधवार को सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान इस रैकेट के पीछे की घिनौनी कहानी और आर्थिक लेन-देन का पूरा कच्चा चिट्ठा खोल कर रख दिया।

बुआ ही निकली ‘दुश्मन’: भतीजी को बनाया कमाई का जरिया

​इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू रिश्तों के धोखे का है। पुलिस गिरफ्त में आई बांका की रहने वाली महिला ने पूछताछ के दौरान अपनी आपबीती सुनाई, जिसे सुनकर पुलिस अधिकारी भी दंग रह गए।

  • पेशावर अपराधी बुआ: गिरफ्तार महिला ने बताया कि इस रैकेट का असली सूत्रधार उसकी अपनी सगी बुआ है। उसकी बुआ लंबे समय से भागलपुर में रहकर अनैतिक देह व्यापार का नेटवर्क संचालित करती रही है।
  • साजिश के तहत बुलावा: आरोपी बुआ ने ही अपनी भतीजी को बहला-फुसलाकर बांका से भागलपुर बुलाया और उसे इस धंधे में शामिल कर दिया। पुलिस अब उस मुख्य महिला (बुआ) की तलाश में छापेमारी कर रही है।

बिजनेस मॉडल: 500 रुपये का ‘फिक्स कमीशन’ और किराए का अड्डा

​गिरफ्तार आरोपी संजीत कुमार कर्ण, जो मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र के रामपुर का निवासी है, इस पूरे रैकेट का ऑपरेशन मैनेजर था। पुलिस जांच में जो आर्थिक ढांचा सामने आया है, वह इस प्रकार है:

  1. रेट कार्ड: ग्राहकों से एक सेवा के बदले 1000 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक वसूले जाते थे।
  2. संजीत का हिस्सा: वसूली गई राशि में से प्रति ग्राहक 500 रुपये संजीत कुमार कर्ण अपने ‘कमीशन’ के रूप में तुरंत काट लेता था।
  3. मकान का उपयोग: संजीत ने जानबूझकर जोगसर जैसे व्यस्त इलाके में किराए का कमरा लिया था ताकि किसी को शक न हो और ग्राहकों का आना-जाना आसान रहे।

मोबाइल खोलेगा ‘राज’: कई रसूखदार ग्राहक पुलिस के रडार पर

​पुलिस ने छापेमारी के दौरान संजीत कुमार कर्ण का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। यह मोबाइल इस केस का सबसे बड़ा साक्ष्य साबित हो रहा है।

  • कस्टमर लिस्ट: पुलिस सूत्रों के अनुसार, संजीत के मोबाइल में शहर के कई सफेदपोशों और नियमित ग्राहकों के नाम और मोबाइल नंबर मिले हैं। पुलिस इन नंबरों की सीडीआर (Call Detail Record) खंगाल रही है।
  • अगली कार्रवाई: सिटी एसपी ने संकेत दिया है कि मोबाइल से मिले डेटा के आधार पर उन ग्राहकों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी जो इस अनैतिक कार्य को बढ़ावा दे रहे थे।

VOB का नजरिया: किराएदारों के वेरिफिकेशन पर उठे सवाल

​’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि भागलपुर में बढ़ते देह व्यापार के पीछे ‘मकान मालिकों की लापरवाही’ भी एक बड़ी वजह है।

  • पुलिस वेरिफिकेशन का अभाव: शहर के सघन इलाकों में बिना किसी ठोस पहचान पत्र या पुलिस वेरिफिकेशन के मकान किराए पर दे देना ऐसे अपराधियों को सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराता है।
  • सामाजिक प्रभाव: जोगसर जैसे रिहायशी इलाकों में इस तरह की गतिविधियों से छात्रों और स्थानीय परिवारों पर अत्यंत नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
  • नेटवर्क का विस्तार: बांका से भागलपुर तक फैले इस नेटवर्क के तार अन्य जिलों से भी जुड़े हो सकते हैं, जिसकी गहराई से जांच अनिवार्य है।

सुशासन का हंटर और सामाजिक जिम्मेदारी

​सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि पुलिस अब अनैतिक देह व्यापार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना रही है। हालांकि, पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती उस ‘बुआ’ को गिरफ्तार करना है, जिसने इस काले साम्राज्य की नींव रखी। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ इस मामले में होने वाली अगली गिरफ्तारियों और जब्त मोबाइल से निकलने वाले ‘प्रभावशाली नामों’ की हर गुप्त रिपोर्ट आप तक सबसे पहले पहुँचाता रहेगा।

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