समाचार के मुख्य बिंदु: स्वच्छ और सुरक्षित ऊर्जा की ओर बिहार का बड़ा कदम
- बड़ी सुविधा: बिहार में घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन की प्रक्रिया हुई ऑनलाइन; अब दफ्तरों के चक्कर काटने और सिलेंडर बुकिंग का इंतजार करने से मिलेगी मुक्ति।
- निरंतर आपूर्ति: पीएनजी के जरिए रसोई में 24 घंटे बिना किसी रुकावट के गैस की सप्लाई सुनिश्चित होगी; सिलेंडर खत्म होने का डर अब गुजरे जमाने की बात।
- सुरक्षा और बचत: पीएनजी को पारंपरिक एलपीजी के मुकाबले अधिक सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल माना जाता है।
- पंजीकरण शुल्क: ₹4500 की रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट या ₹500 + ₹1 प्रतिदिन के किराए वाले ‘आसान विकल्प’ पर भी उपलब्ध है कनेक्शन।
- VOB इनसाइट: यह कदम न केवल मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद है, बल्कि शहरी स्वच्छता और ‘स्मार्ट सिटी’ के मानकों को भी पूरा करता है।
पटना | 25 मार्च, 2026
बिहार की रसोई अब ‘स्मार्ट’ होने जा रही है। राज्य सरकार और विभिन्न गैस वितरण कंपनियों ने मिलकर पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के नेटवर्क को विस्तार देते हुए आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और उपभोक्ता अनुकूल बना दिया है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, अब राज्य के नागरिक अपने मोबाइल या कंप्यूटर से घर बैठे पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह पहल प्रधानमंत्री के ‘ऊर्जा गंगा’ प्रोजेक्ट के तहत बिहार को स्वच्छ ईंधन से जोड़ने की दिशा में एक मील का पत्थर है।
कौन सी कंपनी आपके जिले में दे रही है कनेक्शन?
बिहार के अलग-अलग जिलों में अलग-अलग सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। आवेदन करने से पहले अपने जिले की संबंधित कंपनी का नाम जानना आवश्यक है:
- पटना: गेल (GAIL)
- बांका: एचपीसीएल (HPCL)
- बेगूसराय: थिंक गैस (Think Gas)
- गया और नालंदा: आईओएजीपीएल (IOAGPL)
- उत्तर बिहार (दरभंगा, गोपालगंज, मधुबनी, चम्पारण, शिवहर, सीतामढ़ी, सिवान, सुपौल): बीपीसीएल (BPCL)
- राज्य के शेष सभी जिले: आईओसीएल (IOCL)
इच्छुक उपभोक्ता अपने जिले की संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ‘न्यू कनेक्शन’ के लिए निःशुल्क ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
आवेदन से लेकर गैस जलने तक: 5 स्टेप्स में समझें पूरी प्रक्रिया
पीएनजी कनेक्शन प्राप्त करना अब बेहद आसान हो गया है। इसकी स्टेप-बाय-स्टेप जानकारी यहाँ दी गई है:
1. ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और दस्तावेज:
वेबसाइट पर जाने के बाद उपभोक्ता को अपना पहचान पत्र (ID Proof) और पते का प्रमाण (Address Proof) अपलोड करना होगा।
2. यूनिक बीपी (BP) नंबर:
दस्तावेजों के सफल सत्यापन के बाद सिस्टम द्वारा एक यूनिक ‘बिजनेस पार्टनर’ (BP) नंबर जारी किया जाएगा। यह नंबर आपके भविष्य के सभी बिलों और शिकायतों के लिए आपकी पहचान होगा।
3. तकनीकी सर्वेक्षण:
कंपनी की तकनीकी टीम आपके घर का दौरा करेगी और यह देखेगी कि पाइपलाइन बिछाना कहाँ संभव है। स्वीकृति मिलने के बाद बाहरी नेटवर्क (MDPE पाइपलाइन) का विस्तार आपके घर तक किया जाएगा।
4. इंस्टॉलेशन और मीटर फिटिंग:
घर के अंदर जीआई (GI) या कॉपर पाइपिंग के जरिए गैस मीटर और रेगुलेटर लगाए जाएंगे। इस दौरान सुरक्षा जांच और लीकेज परीक्षण भी किया जाता है।
5. चूल्हे का परिवर्तन (Conversion):
पीएनजी सक्रियण के समय कंपनी के कर्मचारी आपके पुराने एलपीजी चूल्हे (Stove) को पीएनजी के अनुकूल बनाने के लिए उसमें मामूली तकनीकी बदलाव करेंगे, जिसके बाद गैस आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
खर्च और सुरक्षा जमा: दो तरह की योजनाएं
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए भुगतान के दो विकल्प दिए गए हैं:
- एकमुश्त भुगतान योजना: ₹4500 की सुरक्षा जमा राशि (बिना ब्याज, रिफंडेबल)। कनेक्शन कटवाने पर यह राशि वापस मिल जाती है।
- किराया आधारित योजना: उन लोगों के लिए जो एक बार में ₹4500 नहीं देना चाहते, वे ₹500 (रिफंडेबल) जमा कर मात्र ₹1 प्रतिदिन के किराए पर कनेक्शन ले सकते हैं। इस योजना को बाद में पूर्ण भुगतान योजना में बदला जा सकता है।
VOB का नजरिया: क्यों बेहतर है पीएनजी?
’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि पीएनजी केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि जीवनशैली में बड़ा सुधार है।
- स्पेस की बचत: रसोई में भारी-भरकम सिलेंडर रखने की जगह बचती है।
- पारदर्शिता: मीटर रीडिंग के आधार पर बिल आता है, यानी आप जितनी गैस जलाएंगे, उतने का ही भुगतान करेंगे।
- सुरक्षा: पीएनजी हवा से हल्की होती है, इसलिए लीकेज की स्थिति में यह हवा में उड़ जाती है और आग लगने का खतरा एलपीजी के मुकाबले बहुत कम होता है।
- पेमेंट की सुविधा: बिल का भुगतान मोबाइल ऐप या ऑनलाइन माध्यम से आसानी से किया जा सकता है।
सुशासन और डिजिटल भविष्य की ओर कदम
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (PNGRB) के कड़े दिशा-निर्देशों के तहत संचालित यह सेवा बिहार के शहरी जीवन को और अधिक सुगम बनाएगी। हालांकि, पीएनजी की उपलब्धता आपके क्षेत्र में बिछाई गई पाइपलाइन के नेटवर्क पर निर्भर करेगी।


