पटना, 25 मार्च 2026: बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों की नई ई-सिविल लिस्ट 2026 का प्रारूप जारी कर दिया है। 1 जनवरी 2026 की स्थिति के आधार पर तैयार इस सूची में बिहार कैडर के कुल 316 आईएएस अधिकारियों का विस्तृत ब्यौरा शामिल किया गया है।
सभी अधिकारियों को दिया गया निर्देश
विभाग की ओर से जारी आधिकारिक पत्र के माध्यम से सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे इस प्रारूप का सावधानीपूर्वक अवलोकन करें। यदि किसी प्रकार की त्रुटि, संशोधन या आपत्ति हो, तो उसे 30 मार्च 2026 तक अनिवार्य रूप से विभाग को उपलब्ध कराना होगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के बाद प्राप्त आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा।
मुख्य सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारियों का विवरण शामिल
जारी सूची में बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत का नाम भी प्रमुख रूप से शामिल है, जो वर्तमान में राज्य प्रशासन की कमान संभाल रहे हैं। इसके अलावा कई वरिष्ठ अधिकारी, जो केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं, उनका भी विस्तृत विवरण सूची में दिया गया है।
सूची में शामिल अधिकारियों के बारे में निम्न जानकारी दर्ज की गई है:
- जन्म तिथि
- शैक्षणिक योग्यता
- वर्तमान पदस्थापना
- वेतनमान
- मूल निवास (डोमिसाइल)
इससे अधिकारियों की पूरी प्रोफाइल एक ही जगह उपलब्ध हो सकेगी।
पारदर्शिता और डेटा अपडेट पर जोर
सरकार का उद्देश्य इस ई-सिविल लिस्ट के माध्यम से प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और अद्यतन बनाना है। डिजिटल फॉर्मेट में तैयार इस सूची को सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों के साथ साझा किया गया है, ताकि किसी भी तरह की त्रुटि को समय रहते ठीक किया जा सके।
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भी कई अधिकारी
सूची के अनुसार, बिहार कैडर के कई आईएएस अधिकारी केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं, जबकि बड़ी संख्या में अधिकारी राज्य में विभिन्न जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
अंतिम सूची के लिए समयसीमा तय
सामान्य प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि 30 मार्च तक प्राप्त सुझावों और आपत्तियों के आधार पर ही अंतिम सिविल लिस्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद इसे आधिकारिक रूप से लागू किया जाएगा।
प्रशासनिक दक्षता में होगा सुधार
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की अद्यतन और पारदर्शी सिविल लिस्ट से न केवल प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने में भी मदद मिलेगी।
यह पहल बिहार सरकार के उस प्रयास का हिस्सा है, जिसके तहत प्रशासनिक प्रक्रियाओं को डिजिटल और अधिक पारदर्शी बनाया जा रहा है।


