मुंगेर, 25 मार्च 2026: राजनीतिक रणनीतिकार और जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बुधवार को मुंगेर में आयोजित मीडिया ब्रीफिंग के दौरान बिहार की राजनीति पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक बार फिर जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने को लेकर तंज कसते हुए कई अहम बयान दिए।
नीतीश कुमार पर तंज
प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार की राजनीति में एक चलन बन गया है, जहां कोई भी नेता जैसे ही अपना दल खड़ा करता है, वह खुद उसका प्रमुख बन जाता है और आगे चलकर अपने उत्तराधिकारी के रूप में परिवार के किसी सदस्य को आगे बढ़ाने की बात करता है।
उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि अब यह प्रवृत्ति उन दलों में भी दिखने लगी है, जो पहले खुद को इससे अलग बताते थे। उनके अनुसार, यह लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है और इससे राजनीति में पारदर्शिता प्रभावित होती है।
अगले मुख्यमंत्री को लेकर भविष्यवाणी
मीडिया से बातचीत में प्रशांत किशोर ने बिहार के भविष्य को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य में जो भी अगला मुख्यमंत्री बनेगा, उसकी प्राथमिकता बिहार नहीं बल्कि अन्य राज्यों, खासकर गुजरात के हितों से जुड़ी होगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार के युवाओं को रोजगार के अभाव में कम मजदूरी पर दूसरे राज्यों में काम करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। बड़ी संख्या में युवाओं को ट्रेनों के जरिए गुजरात जैसे राज्यों में भेजा जाता है, जहां वे कम वेतन पर काम करते हैं।
रोजगार और पलायन का मुद्दा उठाया
प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं होने के कारण पलायन एक बड़ी समस्या बन चुकी है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि राज्य में उद्योग और रोजगार के अवसर विकसित किए जाते, तो युवाओं को बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ती।
राजनीतिक बहस तेज होने के संकेत
प्रशांत किशोर के इस बयान के बाद बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। उनके बयानों को आगामी चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल को गर्म करने वाला माना जा रहा है।
मीडिया ब्रीफिंग के दौरान उन्होंने साफ किया कि उनका उद्देश्य बिहार में व्यवस्था परिवर्तन और बेहतर शासन व्यवस्था की दिशा में लोगों को जागरूक करना है।


