भागलपुर, 25 मार्च 2026: भागलपुर जिले के पिरपैंती प्रखंड में टेंडर प्रक्रिया को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आवेदन की अंतिम तिथि को लेकर विरोधाभासी जानकारी मिलने से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया, जिसके बाद प्रखंड कार्यालय के बाहर जमकर हंगामा हुआ।
तिथि को लेकर भ्रम ने बढ़ाया विवाद
स्थानीय लोगों का कहना है कि अखबार में प्रकाशित टेंडर सूचना के अनुसार आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 30 मार्च 2026 निर्धारित थी। इसी आधार पर कई इच्छुक लोग निर्धारित समय के भीतर आवेदन की तैयारी कर रहे थे।
लेकिन जब वे प्रखंड कार्यालय पहुंचे, तो अधिकारियों द्वारा बताया गया कि आवेदन की अंतिम तिथि 24 मार्च ही समाप्त हो चुकी है। इस अचानक बदलाव की जानकारी मिलते ही लोगों में नाराजगी भड़क उठी।
लोगों ने लगाए गंभीर आरोप
आक्रोशित लोगों का आरोप है कि अंतिम तिथि में बदलाव जानबूझकर किया गया है। उनका कहना है कि यह पूरा मामला मिलीभगत का प्रतीत होता है, ताकि कुछ चुनिंदा लोगों को फायदा पहुंचाया जा सके।
प्रदर्शनकारियों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
प्रखंड कार्यालय के बाहर हंगामा, बढ़ा तनाव
तिथि को लेकर असमंजस और प्रशासन की ओर से स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने के कारण लोगों ने प्रखंड कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गई, हालांकि बाद में स्थानीय स्तर पर मामला शांत कराया गया।
प्रशासन की चुप्पी से बढ़े सवाल
इस पूरे मामले में अब तक प्रखंड प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। न ही यह स्पष्ट किया गया है कि अखबार में प्रकाशित तिथि और कार्यालय द्वारा बताई गई तिथि में अंतर क्यों है।
प्रशासन की इस चुप्पी ने लोगों के संदेह को और गहरा कर दिया है।
पारदर्शिता की मांग तेज
स्थानीय लोगों और संभावित आवेदकों ने प्रशासन से पारदर्शी और निष्पक्ष प्रक्रिया अपनाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता पाई जाती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
फिलहाल, इस मामले को लेकर इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और सभी की नजरें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।


