बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के दौरान बुधवार को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बक्सर केंद्रीय कारागार परिसर में स्थित भगवान वामन (बावन) मंदिर को आम श्रद्धालुओं के लिए सुलभ बनाने की बात कही।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बक्सर भगवान वामन की पवित्र भूमि है, लेकिन दुर्भाग्य से मंदिर जेल परिसर के अंदर स्थित है। इस विषय को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने जिलाधिकारी से चर्चा की है और मंदिर तक अलग रास्ता बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा, “जेल में कैदी बंद होते हैं, भगवान नहीं,” इसलिए श्रद्धालुओं को दर्शन-पूजन में कोई बाधा नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार भगवान को “पूर्ण मुक्ति” दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी, ताकि आम लोग आसानी से मंदिर तक पहुंच सकें और अपनी आस्था व्यक्त कर सकें।
592 करोड़ की विकास योजनाओं का शुभारंभ
इस अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बक्सर जिले में 592 करोड़ रुपये की लागत से 64 विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें 486 करोड़ रुपये की 23 योजनाओं का शिलान्यास और 106 करोड़ रुपये की 41 योजनाओं का उद्घाटन शामिल है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। जिलाधिकारी साहिला ने सात निश्चय-2 और सात निश्चय-3 सहित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 20 नवंबर 2025 को नई सरकार के गठन के बाद राज्य को देश के सबसे विकसित राज्यों में शामिल करने के लक्ष्य के साथ “सात निश्चय-3” लागू किया गया है। इसके तहत “सबका सम्मान-जीवन आसान” कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों के दैनिक जीवन को सरल बनाना है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ लागू किया जाए, ताकि आम जनता को इसका लाभ मिल सके।
युवाओं के लिए रोजगार और उद्योग पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य रखा है। राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए उद्यमियों को विशेष आर्थिक पैकेज और सुविधाएं दी जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि स्टार्टअप नीति के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपने भविष्य को सुरक्षित कर सकें।
सरकार का उद्देश्य है कि बिहार के युवा दक्ष, सक्षम और आत्मनिर्भर बनें तथा राज्य में औद्योगिक विकास को नई गति मिले।



