रामनवमी 27 मार्च को: पटना जंक्शन के महावीर मंदिर में विशेष तैयारी, भक्तों के लिए व्यापक व्यवस्था

पटना: रामनवमी के पावन अवसर पर इस वर्ष 27 मार्च को महावीर मंदिर में भव्य आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए मंदिर प्रबंधन और प्रशासन ने विशेष तैयारियां की हैं, ताकि भक्तों को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।

भक्तों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम

मंदिर के गर्भगृह में इस बार 80 टन का एसी लगाया गया है, जिससे गर्मी के बीच श्रद्धालुओं को राहत मिल सके। मंदिर प्रबंधन ने प्रशासन, पुलिस, निजी सुरक्षा गार्ड और स्वयंसेवकों से अपील की है कि वे भक्तों के साथ सौम्य व्यवहार करें और किसी को हाथ पकड़कर आगे न बढ़ाएं।

इस वर्ष श्री महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल रामनवमी के यजमान होंगे।

18 हजार किलो नैवेद्यम लड्डू की तैयारी

भक्तों को प्रसाद की कमी न हो, इसके लिए इस बार विशेष इंतजाम किए गए हैं। गुजरात से मंगाए गए बड़े इंडक्शन चूल्हे पर नैवेद्यम लड्डू तैयार किए जा रहे हैं।

  • इस वर्ष 18,000 किलो नैवेद्यम बनाने की योजना है
  • जरूरत पड़ने पर इसे बढ़ाकर 24,000 किलो तक किया जा सकता है
  • भक्तों के बीच वितरण के लिए 51-51 किलो के दो विशाल लड्डू भी बनाए जाएंगे

मंदिर का पट रात 2 बजे खुल जाएगा और आरती के बाद श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे।

52 झांकियां होंगी सम्मानित

रामनवमी के दिन शाम को शहर की करीब 52 झांकियां ध्वज के साथ मंदिर पहुंचेंगी। सभी समितियों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही:

  • मंदिर परिसर में सीसीटीवी से निगरानी होगी
  • सबसे पहले दर्शन करने वाले 10 भक्तों को सम्मानित किया जाएगा
  • दोपहर 12 बजे आरती के बाद बिना फूल-माला प्रसाद की एंट्री होगी

लाइव दर्शन और सुरक्षा व्यवस्था

भक्तों की सुविधा के लिए मंदिर के बाहर 20 बड़े एलईडी स्क्रीन लगाए जाएंगे, जिससे लाइव दर्शन संभव हो सके।
सुरक्षा के लिए सरकारी और निजी सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे।
इसके अलावा:

  • महिला और पुरुषों के लिए अलग चिकित्सा टीम
  • एंबुलेंस और शौचालय की व्यवस्था
  • सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन
  • चोर और पॉकेटमारों पर विशेष निगरानी

27 मार्च को ही क्यों मनाई जाएगी रामनवमी?

पंचांग के अनुसार, इस वर्ष 26 मार्च को नवमी तिथि अपराह्न में शुरू होती है, लेकिन मुख्य पूजा का शुभ संयोग 27 मार्च को बन रहा है।
27 मार्च को:

  • नवमी तिथि दोपहर तक विद्यमान रहेगी
  • पुनर्वसु नक्षत्र का भी शुभ संयोग मिलेगा
  • मध्याह्न काल में भगवान श्रीराम के जन्म का श्रेष्ठ मुहूर्त उपलब्ध रहेगा

इसी कारण इस वर्ष रामनवमी 27 मार्च, शुक्रवार को मनाई जाएगी।

ध्वज पूजन का विशेष समय

शुक्रवार होने के कारण राहुकाल और यमघंट योग सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक रहेगा।
इसलिए:

  • ध्वज पूजन का संकल्प सुबह 9 बजे से पहले लेना आवश्यक है
  • ठीक 12 बजे जन्मोत्सव की वेला में दीप प्रज्वलित किया जाएगा

 

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