
समाचार के मुख्य बिंदु: ‘हिंदुत्व सेवा संघ’ की महा-तैयारी
- तारीख और समय: आगामी 27 मार्च 2026 को दोपहर 1 बजे से निकलेगी भव्य शोभा यात्रा।
- शुरुआत: मायागंज अस्पताल चौक के निकट, बड़ी खंजरपुर स्थित ‘कालेश्वर धाम मंदिर’ प्रांगन से होगा आगाज।
- नारी शक्ति का नेतृत्व: शोभा यात्रा की अगुवाई ‘मातृशक्ति’ के विशेष समूह द्वारा की जाएगी; भगवान राम की प्रतिमा का होगा नेतृत्व।
- सांस्कृतिक संगम: महाराष्ट्र का नगाड़ा ग्रुप, पंजाब का भांगड़ा और वाराणसी की विशेष टीम द्वारा होगी ‘महाआरती’।
- अंग की पहचान: शोभा यात्रा में पहली बार बैलगाड़ियों को विशेष ‘मंजूषा पेंटिंग’ से सजाकर शामिल किया जाएगा।
- VOB इनसाइट: भागलपुर के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने का यह प्रयास शहर में धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना का सबसे बड़ा संगम बनने जा रहा है।
भागलपुर | 25 मार्च, 2026
सिल्क सिटी भागलपुर एक बार फिर ‘जय श्री राम’ के नारों से गूँजने के लिए तैयार है। रामनवमी के पावन अवसर पर ‘हिंदुत्व सेवा संघ’ की ओर से इस वर्ष ऐतिहासिक शोभा यात्रा निकालने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष की शोभा यात्रा न केवल आस्था का प्रदर्शन होगी, बल्कि इसमें ‘अंग’ की लोक कला और आधुनिक भव्यता का अनूठा मिश्रण देखने को मिलेगा। 27 मार्च को निकलने वाली इस यात्रा को लेकर शहर के चप्पे-चप्पे पर भगवा ध्वज लहराने लगे हैं।
तैयारियों का महा-अभियान: 1 लाख भगवा ध्वज का वितरण
संघ के सदस्यों द्वारा पिछले 15 दिनों से दिन-रात तैयारी की जा रही है। आयोजन को भव्य बनाने के लिए शहर भर में 1 लाख से अधिक भगवा ध्वज बांटे जा चुके हैं। प्रमुख चौक-चौराहों पर विशाल ध्वजारोहण और लाइटिंग-डेकोरेशन का काम अंतिम चरण में है। हिंदुत्व सेवा संघ के सदस्य न केवल शहरी बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी घर-घर जाकर लोगों को इस उत्सव से जोड़ रहे हैं। भागलपुर के अलावा पड़ोसी जिलों के राम भक्त भी इस महा-आयोजन का हिस्सा बनने पहुँच रहे हैं।
शोभा यात्रा का रूट और मुख्य पड़ाव: कहाँ-कहाँ से गुजरेगा कारवां?
प्रशासनिक सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए संघ ने एक विस्तृत रूट चार्ट तैयार किया है, जो इस प्रकार है:
- प्रारंभ: कालेश्वर धाम मंदिर (बड़ी खंजरपुर) से दोपहर 1 बजे।
- प्रमुख मार्ग: अस्पताल चौक -> बड़ी खंजरपुर -> भारत माता चौक -> छोटी खंजरपुर -> बजरंगबली मंदिर चौक -> मनाली चौक -> कचहरी चौक -> घंटाघर चौक -> शहीद भगत सिंह चौक -> पटेल बाबू रोड -> लोहिया पुल।
- मुख्य केंद्र: स्टेशन चौक (जहाँ पहली महाआरती होगी) -> बाटा गली -> वेरायटी चौक -> खलीफाबाग चौक -> कोतवाली चौक -> नया बाजार चौक -> बूढ़ानाथ चौक (जहाँ दूसरी महाआरती होगी)।
- समापन: आदमपुर चौक -> तिलकामांझी चौक -> डीएम कोठी के रास्ते वापस कालेश्वर धाम मंदिर प्रांगन।
विशेष आकर्षण: मंजूषा आर्ट और महाराष्ट्र के नगाड़े
इस बार की शोभा यात्रा को ‘अंग क्षेत्र’ की संस्कृति से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए गए हैं:
- अंग की पहचान: किसान भाइयों को जोड़ते हुए बैलगाड़ियों को अंग की विश्वप्रसिद्ध ‘मंजूषा पेंटिंग’ से सजाया जाएगा।
- कलात्मक संगम: महाराष्ट्र से विशेष ‘नगाड़ा ग्रुप’ और पंजाब से ‘भांगड़ा ग्रुप’ अपनी प्रस्तुति देंगे।
- महाआरती: वाराणसी से आ रही विशेष टीम द्वारा स्टेशन चौक और बूढ़ानाथ चौक पर भव्य महाआरती की जाएगी।
- झांकियां: बाहुबली बजरंगबली की विशाल प्रतिमा, राम दरबार की जीवंत झांकी और फूलों की होली भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र होगी।
- प्रसाद: यात्रा के समापन पर कालेश्वर धाम मंदिर में विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
VOB का नजरिया: अनुशासन और आस्था का संगम
’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि भागलपुर की गंगा-जमुनी तहजीब के बीच रामनवमी की यह शोभा यात्रा गौरव का विषय है।
- प्रशासनिक तालमेल: संघ द्वारा जिला प्रशासन और पुलिस के निर्देशों का पालन करना एक सराहनीय कदम है, जिससे शांति और व्यवस्था बनी रहेगी।
- मातृशक्ति का सम्मान: शोभा यात्रा की अगुवाई महिलाओं द्वारा किया जाना समाज में सशक्तिकरण का एक बड़ा संदेश है।
- सांस्कृतिक गौरव: मंजूषा पेंटिंग जैसी लोक कला को शोभा यात्रा का हिस्सा बनाना स्थानीय कलाकारों और परंपरा को बढ़ावा देने की बेहतरीन सोच है।
जय श्री राम की गूँज के लिए तैयार भागलपुर
हिंदुत्व सेवा संघ के राजवीर (नागे), अमित कुमार, विक्की, विकास कुमार, सोनू सिंह, योगेश पाठक, बमबम यादव और अन्य सदस्यों के नेतृत्व में यह आयोजन सफलता की नई इबारत लिखने को तैयार है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ इस भव्य यात्रा के दौरान सुरक्षा इंतजामों और रूट के ताज़ा अपडेट आप तक पहुँचाता रहेगा।


