
पटना, बिहार के किसानों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य में अब मसूर (दलहन) की भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सरकारी खरीद होगी। केंद्र सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत बिहार से 32,000 मीट्रिक टन मसूर खरीदने की मंजूरी दे दी है।
यह फैसला बिहार के कृषि क्षेत्र में एक अहम बदलाव माना जा रहा है, क्योंकि अब तक राज्य में मुख्य रूप से धान और गेहूं की ही MSP पर खरीद होती थी।
किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम
कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने इस फैसले को किसानों के हित में ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे न केवल किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा, बल्कि दलहन उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि यह पहल किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
सीधे खाते में होगा भुगतान
सरकार ने इस योजना को पूरी तरह पारदर्शी और किसान हितैषी बनाने की तैयारी की है।
- किसानों से मसूर की खरीद MSP पर की जाएगी
- भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजा जाएगा
- खरीद प्रक्रिया आधार आधारित और पारदर्शी होगी
60 दिनों तक चलेगी खरीद प्रक्रिया
कृषि विभाग के अनुसार:
- मसूर की खरीद राज्य सरकार द्वारा निर्धारित तिथि से शुरू होगी
- खरीद अवधि लगभग 60 दिनों तक चलेगी
- किसानों को भुगतान 3 दिनों के भीतर कर दिया जाएगा
इसके लिए राज्य भर में खरीद केंद्रों की स्थापना, किसानों का पंजीकरण, भंडारण और भुगतान की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
केंद्र और राज्य सरकार का संयुक्त प्रयास
कृषि मंत्री ने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से बिहार के किसानों को यह महत्वपूर्ण लाभ मिल रहा है।
साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की।
दलहन उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि MSP पर मसूर की खरीद शुरू होने से किसान दलहन की खेती की ओर अधिक आकर्षित होंगे। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि होगी, बल्कि राज्य में पोषण सुरक्षा और फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा।
किसानों से पंजीकरण कराने की अपील
कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पंजीकरण कराएं और इस योजना का लाभ उठाएं, ताकि उन्हें उनकी उपज का सही मूल्य मिल सके।
निष्कर्ष:
बिहार में मसूर की MSP पर खरीद की शुरुआत राज्य के कृषि क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है। इससे किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और दलहन उत्पादन को नई दिशा मिलेगी, जो राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।


