भागलपुर का ‘युवक’ निकला पाक का जासूस! गाजियाबाद में धराया 20 साल का समीर; सैन्य ठिकानों और रेलवे स्टेशनों की रेकी का सनसनीखेज खुलासा

HIGHLIGHTS: देश के खिलाफ ‘डिजिटल गद्दारी’ का बड़ा पर्दाफाश; गाजियाबाद पुलिस ने दबोचा भागलपुर का युवक, यूएपीए (UAPA) के तहत बढ़ीं मुश्किलें

  • बड़ी गिरफ्तारी: गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले नेटवर्क के तीन और सदस्यों को गिरफ्तार किया; भागलपुर का समीर उर्फ शूटर मुख्य आरोपियों में शामिल।
  • नेटवर्क का केंद्र: दिल्ली के चांदनी चौक में छिपकर रह रहा था भागलपुर निवासी समीर; भारत में इस जासूसी नेटवर्क के तीन मुख्य ‘पिलर्स’ में से एक था।
  • संगीन जुर्म: 20 वर्षीय समीर ने भारतीय सैन्य ठिकानों और कई महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों की रेकी कर संवेदनशील जानकारी सीमा पार भेजी।
  • कानूनी हंटर: आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) की धाराएं जोड़ी गईं; कोर्ट ने भेजा जेल।
  • बिहार कनेक्शन: भागलपुर के अलावा पूर्णिया के विवेक और मुजफ्फरपुर के नौशाद की पहले ही हो चुकी है गिरफ्तारी; बिहार के युवाओं को मोहरा बना रही पाक एजेंसियां।

गाजियाबाद / भागलपुर | 25 मार्च, 2026

​भारत की आंतरिक सुरक्षा में सेंध लगाने की एक बड़ी साजिश को गाजियाबाद पुलिस ने नाकाम कर दिया है। पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने मंगलवार को तीन और आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुँचाया है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क का एक मुख्य सिरा भागलपुर से जुड़ा निकला है। 20 साल का समीर उर्फ शूटर, जो भागलपुर का रहने वाला है, भारत में इस जासूसी नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।

चांदनी चौक से चल रहा था जासूसी का खेल: कौन है समीर उर्फ शूटर?

​पुलिस जांच में सामने आया है कि भागलपुर निवासी शौकत अली का पुत्र समीर उर्फ शूटर पिछले कुछ समय से दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में पहचान छिपाकर रह रहा था। वह केवल 20 साल का है, लेकिन तकनीक और रेकी करने में उसे ‘शूटर’ जैसी विशेषज्ञता हासिल थी।

​प्रभारी डीसीपी (ट्रांस हिंडन) धवल जायसवाल ने जानकारी दी कि समीर भारत में इस जासूसी नेटवर्क के तीन सबसे प्रमुख सदस्यों में से एक है। इससे पहले उसके दो अन्य मुख्य साथी, सुहेल मलिक उर्फ रोमियो और नौशाद अली पुलिस के हत्थे चढ़ चुके थे। समीर ने पूछताछ में कबूल किया है कि उसने कई महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों और भारतीय सैन्य ठिकानों की रेकी की थी और वहां की तस्वीरें व मैप्स पाकिस्तान भेजे थे।

जासूसी नेटवर्क के गिरफ्तार सदस्य और कार्रवाई

गिरफ्तार आरोपी

मूल निवासी (स्थान)

नेटवर्क में भूमिका

मोबाइल/बरामदगी

समीर उर्फ शूटर

भागलपुर (बिहार)

मुख्य सदस्य (रेकी एक्सपर्ट)

01 मोबाइल फोन

समीर पुत्र शहजाद

शामली (उत्तर प्रदेश)

नेटवर्क सदस्य

01 मोबाइल फोन

शिवराज

शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश)

नेटवर्क सदस्य

01 मोबाइल फोन

विवेक

पूर्णिया (बिहार)

पहले गिरफ्तार (14-22 मार्च)

जांच के अधीन

नौशाद

मुजफ्फरपुर (बिहार)

पहले गिरफ्तार (14-22 मार्च)

जांच के अधीन

UAPA की कार्रवाई: देशद्रोहियों के खिलाफ अब ‘नो टॉलरेंस’

​पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ यूएपीए (UAPA) की सख्त धाराएं जोड़ दी हैं। मंगलवार को जिन तीन आरोपियों को पकड़ा गया, उनके पास से एक-एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।

​जांच के दौरान यह भी पता चला है कि यह नेटवर्क चरणों में फैला हुआ था:

  1. 14 मार्च: महिला समेत 6 लोग गिरफ्तार हुए (कौशांबी पुलिस द्वारा)।
  2. 20 मार्च: 5 नाबालिगों सहित 9 और लोग पकड़े गए।
  3. 22 मार्च: महिला और नाबालिग समेत 3 और गिरफ्तारियां हुईं।
  4. 24 मार्च: भागलपुर के समीर सहित 3 मुख्य सदस्यों की गिरफ्तारी।

VOB का नजरिया: बिहार के युवाओं को ‘डिजिटल हनीट्रैप’ और लालच का खतरा

​’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि भागलपुर, पूर्णिया और मुजफ्फरपुर के युवाओं का इस नेटवर्क में शामिल होना बिहार के लिए एक खतरे की घंटी है।

  • सोशल मीडिया का जाल: अक्सर पाक एजेंसियां सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को लालच देकर या ‘हनीट्रैप’ में फंसाकर उनसे रेकी कराती हैं।
  • संवेदनशील स्थान: भागलपुर और आसपास के रेलवे स्टेशनों का सैन्य आवाजाही के लिए महत्व है, जिसे निशाना बनाना देश की सुरक्षा के लिए घातक हो सकता है।
  • सतर्कता की जरूरत: युवाओं को अंजान कॉल और लिंक से बचने की जरूरत है। समीर जैसे युवाओं का अपराधी बनना यह दर्शाता है कि कट्टरपंथ और लालच के खिलाफ सामाजिक जागरूकता अनिवार्य है।

सुशासन और राष्ट्रीय सुरक्षा का साझा संकल्प

​गाजियाबाद पुलिस अब समीर और उसके साथियों के बैंक खातों और कॉल डिटेल्स को खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्हें फंडिंग कहाँ से हो रही थी। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ इस जासूसी नेटवर्क के पीछे छिपे बड़े चेहरों और भागलपुर से जुड़े अन्य संदिग्धों की हर खबर आप तक पहुँचाता रहेगा।

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