शिवहर DDC बृजेश कुमार पर निगरानी का शिकंजा: 7 घंटे की छापेमारी में 1.86 करोड़ की संदिग्ध संपत्ति का खुलासा

शिवहर, बिहार | 24 मार्च 2026 बिहार के शिवहर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए निगरानी विभाग (Vigilance) की टीम ने जिला उप विकास आयुक्त (DDC) बृजेश कुमार के कई ठिकानों पर लंबी छापेमारी की। करीब 7 घंटे तक चली इस कार्रवाई में टीम को कई अहम दस्तावेज और साक्ष्य मिले हैं, जिनसे आय से अधिक संपत्ति के मामले की पुष्टि के संकेत मिले हैं।

एक साथ कई ठिकानों पर कार्रवाई

निगरानी टीम ने एक साथ कई जगहों पर छापेमारी की, जिसमें शामिल हैं:

  • शिवहर स्थित कार्यालय
  • बेतिया स्थित आवास
  • सीतामढ़ी स्थित ससुराल

इस दौरान अधिकारियों ने विभिन्न दस्तावेजों, फाइलों और वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच की। बताया जा रहा है कि कई ऐसे कागजात मिले हैं, जो कथित तौर पर अवैध संपत्ति से जुड़े हो सकते हैं।

1.86 करोड़ की संदिग्ध संपत्ति का मामला

प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि बृजेश कुमार ने अपनी वैध आय से अधिक करीब 1 करोड़ 86 लाख रुपये की संपत्ति अर्जित की है।
निगरानी विभाग के अनुसार, इस संपत्ति का संतोषजनक हिसाब फिलहाल प्रस्तुत नहीं किया जा सका है, जिसके आधार पर मामला और मजबूत होता दिख रहा है।

चार अलग-अलग केस दर्ज

सूत्रों के अनुसार, डीडीसी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के चार अलग-अलग मामले दर्ज हैं। इन मामलों को ध्यान में रखते हुए ही निगरानी टीम ने यह बड़ी कार्रवाई की है।
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने बृजेश कुमार से पूछताछ भी की और कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाईं।

दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त

टीम ने छापेमारी के दौरान:

  • बैंक खातों से जुड़े रिकॉर्ड
  • निवेश संबंधी दस्तावेज
  • संपत्ति के कागजात
  • इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस (मोबाइल, लैपटॉप आदि)

को जब्त किया है। अब इन सभी की फॉरेंसिक और तकनीकी जांच की जाएगी, ताकि संपत्ति के स्रोत और लेन-देन की पूरी जानकारी सामने आ सके।

शिवहर DDC बृजेश कुमार पर निगरानी का शिकंजा: 7 घंटे की छापेमारी में 1.86 करोड़ की संदिग्ध संपत्ति का खुलासा

प्रशासनिक हलकों में मचा हड़कंप

इस कार्रवाई की खबर फैलते ही जिले में हड़कंप मच गया। प्रशासनिक गलियारों में भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
निगरानी विभाग के अधिकारी फिलहाल सभी दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रहे हैं और जल्द ही आगे की कानूनी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

जांच अभी जारी

अधिकारियों का कहना है कि यह जांच अभी शुरुआती चरण में है और आगे और खुलासे हो सकते हैं। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि अवैध संपत्ति का वास्तविक आंकड़ा कितना है और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही है।

निष्कर्ष:
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी कार्रवाई के बीच यह मामला एक बड़ा संकेत है कि निगरानी एजेंसियां अब सख्ती के साथ काम कर रही हैं। आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।

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