
पटना, बिहार | 24 मार्च 2026 बिहार की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने निशांत कुमार के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बिहार में पिछले दो दशकों में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ा है और मौजूदा सरकार इसे नियंत्रित करने में पूरी तरह विफल रही है।
अपराध के मुद्दे पर सरकार को घेरा
मीडिया से बातचीत में तेजस्वी यादव ने कहा कि वर्ष 2005 से लेकर अब तक बिहार में अपराध की घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने दावा किया कि संगठित अपराध और गुंडागर्दी राज्य में आम हो चुकी है।
तेजस्वी ने कहा, “अगर आप आधिकारिक आंकड़ों को देखें, तो स्थिति साफ हो जाएगी। NCRB के डेटा में भी बिहार की हालत चिंताजनक है। हमने विधानसभा में भी इस पर ठोस तथ्य रखे हैं।”
उनका यह बयान निशांत कुमार के उस बयान के जवाब में आया है, जिसमें उन्होंने 2005 से पहले की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए थे।
‘सम्राट मॉडल’ पर साधा निशाना
राजनीतिक हलकों में चर्चा में रहे तथाकथित ‘सम्राट मॉडल’ को लेकर भी तेजस्वी यादव ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता किसी भी नए “मॉडल” के नाम पर भ्रमित नहीं होगी।
उन्होंने कहा, “यहां कोई मॉडल काम नहीं करेगा। लोग पहले से ही महंगाई, बेरोजगारी और गरीबी से जूझ रहे हैं। सरकार की प्राथमिकता जनता की समस्याएं सुलझाना होनी चाहिए, न कि नए-नए राजनीतिक प्रयोग करना।”
किसानों के मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगा
तेजस्वी यादव ने हाल ही में आए ओलावृष्टि और तूफान से प्रभावित किसानों की स्थिति को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं, लेकिन अभी तक उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिला है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर तत्काल राहत देने की मांग की है।
जेडीयू के आंतरिक मामलों पर चुप्पी
नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के जेडीयू में शामिल होने और पार्टी के अंदरूनी बदलावों को लेकर पूछे गए सवाल पर तेजस्वी यादव ने प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि यह जेडीयू का आंतरिक मामला है और इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
सरकार के खिलाफ जनता में नाराजगी का दावा
तेजस्वी यादव ने दावा किया कि राज्य की जनता मौजूदा सरकार से असंतुष्ट है। उन्होंने कहा कि अपराध, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलता ने आम लोगों का जीवन मुश्किल बना दिया है।
उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में जनता इसका जवाब देगी और राजद लगातार जनता के मुद्दों को सड़क से लेकर सदन तक उठाती रहेगी।
बिहार में आगामी राजनीतिक समीकरणों के बीच इस तरह की बयानबाजी से साफ है कि कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी और किसानों के मुद्दे आने वाले समय में प्रमुख चुनावी मुद्दे बन सकते हैं।


