HIGHLIGHTS: सिल्क सिटी में ‘मर्यादा’ के साथ मनेगा राम जन्मोत्सव; शांति भंग करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने कसी कमर
- बड़ी हलचल: भागलपुर में 26 और 27 मार्च 2026 को निकलने वाले रामनवमी जुलूस को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी कार्यालय में महा-मंथन संपन्न।
- सख्त आदेश: सिटी डीएसपी अजय चौधरी की सीधी चेतावनी— जुलूस के दौरान डीजे (DJ) पूरी तरह प्रतिबंधित, नियमों की अनदेखी पर होगी ऑन-स्पॉट कार्रवाई।
- सुरक्षा चक्र: सदर एसडीओ बिकाश कुमार और सिटी डीएसपी-2 राकेश कुमार ने आयोजन समितियों को सौंपी सुरक्षा नियमावली।
- टेक्नोलॉजी का पहरा: ड्रोन और सीसीटीवी के साथ पहली बार ‘वीडियो फोटोग्राफी’ के जरिए उपद्रवियों की कुंडली खंगालने की तैयारी।
- सहयोग का वादा: हिंदुत्व सेवा समिति के संरक्षक बिजय यादव समेत तमाम संगठनों ने शांतिपूर्ण उत्सव का लिया संकल्प।
भागलपुर | 24 मार्च, 2026
अंग जनपद की धरती पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जन्मोत्सव की तैयारियां अब अपने अंतिम चरण में हैं। 26 और 27 मार्च को निकलने वाली भव्य शोभायात्रा के दौरान शहर के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा का ऐसा पहरा होगा कि परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, आज सदर अनुमंडल कार्यालय में प्रशासन और पूजा समितियों के बीच हुई हाई-प्रोफाइल बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस बार आस्था और अनुशासन का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
अफसरों की ‘लक्ष्मण रेखा’: न भड़काऊ संगीत, न उकसावे वाले नारे
बैठक के दौरान सदर एसडीओ बिकाश कुमार और सिटी डीएसपी अजय चौधरी ने एक सुर में कहा कि त्योहार का उत्साह सौहार्द की बलि चढ़ाकर नहीं मनाया जा सकता। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि:
- जुलूस के दौरान किसी भी स्थिति में डीजे (DJ) बजाने की अनुमति नहीं होगी।
- केवल पारंपरिक वाद्ययंत्रों और प्रशासन द्वारा स्वीकृत साउंड सिस्टम का ही प्रयोग किया जा सकेगा।
- शोभायात्रा के दौरान भड़काऊ नारेबाजी और साम्प्रदायिक सद्भाव को ठेस पहुँचाने वाले कृत्यों पर प्रशासन की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति रहेगी।
- सिटी डीएसपी-2 राकेश कुमार ने आयोजकों से कहा कि वे अपने-अपने वालंटियर्स की सूची थानों को उपलब्ध कराएं ताकि भीड़ प्रबंधन में पुलिस को सहायता मिल सके।
आधुनिक सर्विलांस: भागलपुर के आसमान में उड़ेंगे ‘ड्रोन’
इस वर्ष सुरक्षा व्यवस्था को ‘डिजिटल’ धार दी गई है। प्रशासन ने न केवल मुख्य मार्गों पर सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की संख्या बढ़ाई है, बल्कि संवेदनशील इलाकों की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
- वीडियो साक्ष्य: पूरी शोभायात्रा के दौरान विशेष वीडियोग्राफर तैनात रहेंगे जो पल-पल की रिकॉर्डिंग करेंगे। यह रिकॉर्डिंग किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में दोषियों की पहचान करने के लिए सबसे बड़ा हथियार बनेगी।
- खुफिया सक्रियता: जिला प्रशासन ने सादे लिबास में भी पुलिसकर्मियों और खुफिया तंत्र के जवानों को भीड़ के बीच तैनात करने का फैसला किया है।
VOB इनसाइट: क्यों जरूरी है इस बार की ‘अतिरिक्त’ सतर्कता?
’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि भागलपुर की संवेदनशील भौगोलिक स्थिति को देखते हुए प्रशासन का यह ‘टाइट शेड्यूल’ समय की मांग है।
- अफवाहों का बाजार: सोशल मीडिया के दौर में गलत खबरें जंगल की आग की तरह फैलती हैं। प्रशासन का कंट्रोल रूम 24/7 सक्रिय रहना एक सकारात्मक कदम है।
- समन्वय की मिसाल: हिंदुत्व सेवा समिति के संरक्षक बिजय यादव और अन्य गणमान्य लोगों का प्रशासन के साथ एक मेज पर बैठना यह दर्शाता है कि शहर के जिम्मेदार नागरिक शांति के लिए प्रतिबद्ध हैं।
- पारंपरिक बनाम आधुनिक: डीजे पर प्रतिबंध से न केवल ध्वनि प्रदूषण रुकेगा, बल्कि पारंपरिक बाजों का उपयोग रामनवमी को उसकी मूल सांस्कृतिक गरिमा की ओर वापस ले जाएगा।
निष्कर्ष: शांतिपूर्ण भागलपुर, सुरक्षित भागलपुर
प्रशासन ने भागलपुर की जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या लावारिस वस्तु की जानकारी तुरंत हेल्पलाइन पर दें। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून का पालन करने वाले रामभक्तों का स्वागत है, लेकिन अशांति फैलाने वालों के लिए सलाखें तैयार हैं।


