पीरपैंती की ‘आरजू’ ने भागलपुर जिले में गाड़ा सफलता का झंडा! इंटर आर्ट्स में 92% अंक लाकर बनीं जिला सेकंड टॉपर; छोटे भाई को बताया अपनी प्रेरणा

HIGHLIGHTS: इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम में पीरपैंती का गौरव; 8 घंटे की सेल्फ स्टडी और भाई के प्रोत्साहन ने दिलाई ऐतिहासिक जीत

  • बड़ी उपलब्धि: पीरपैंती बाजार स्थित उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय की छात्रा आरजू खातून ने इंटर परीक्षा (कला संकाय) में भागलपुर जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया।
  • शानदार स्कोर: आरजू ने 500 में से 460 अंक (92%) हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया।
  • प्रशासनिक सम्मान: प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) अभिमन्यु कुमार ने आरजू को कार्यालय बुलाकर अंगवस्त्र और बुके देकर सम्मानित किया।
  • प्रेरणा का स्रोत: आरजू ने अपनी सफलता का श्रेय अपने छोटे भाई मो. आदिल और कड़ी मेहनत (सेल्फ स्टडी) को दिया।
  • भविष्य का लक्ष्य: जिला टॉपर बनने के बाद अब आरजू का सपना एक सफल शिक्षिका बनकर समाज की सेवा करना है।

पीरपैंती / भागलपुर | 24 मार्च, 2026

​बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा घोषित 12वीं (इंटरमीडिएट) के परिणामों ने भागलपुर जिले को नई मेधा से परिचित कराया है। जिले के पीरपैंती प्रखंड की आरजू खातून ने अपनी मेहनत और लगन से यह साबित कर दिया है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो संसाधन बाधा नहीं बनते। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, आरजू की इस सफलता ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे पीरपैंती प्रखंड को गौरवान्वित किया है।

सेल्फ स्टडी और अनुशासन: सफलता का ‘सीक्रेट’ फॉर्मूला

​परिणाम घोषित होने के बाद आरजू खातून ने अपनी रणनीति साझा करते हुए बताया कि उन्होंने किसी कोचिंग के बजाय ‘सेल्फ स्टडी’ पर भरोसा किया। वे प्रतिदिन लगभग 8 घंटे पढ़ाई को देती थीं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि आरजू ने अपनी प्रेरणा का स्रोत अपने छोटे भाई मो. आदिल को बताया है। उनके अनुसार, आदिल के सहयोग और निरंतर प्रोत्साहन ने उन्हें मुश्किल समय में भी पढ़ाई के प्रति एकाग्र रखा।

VOB डेटा चार्ट: आरजू खातून की सफलता का रिपोर्ट कार्ड

  • नाम: आरजू खातून।
  • पिता का नाम: (स्थानीय निवासी, पीरपैंती)।
  • स्कूल: उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, पीरपैंती बाजार।
  • संकाय: कला (Arts)।
  • प्राप्त अंक: 460 / 500।
  • प्रतिशत: 92%।
  • जिला स्थान: द्वितीय (2nd Rank, भागलपुर)।
  • अध्ययन का समय: 8 घंटे प्रतिदिन।
  • करियर लक्ष्य: शिक्षक (Teacher)।

प्रशासनिक सराहना: “सोशल मीडिया के दौर में आरजू एक मिसाल”

​छात्रा की इस अभूतपूर्व उपलब्धि पर प्रखंड विकास पदाधिकारी अभिमन्यु कुमार ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने आरजू को सम्मानित करते हुए कहा कि आज के दौर में जहाँ अधिकांश युवा अपना कीमती समय सोशल मीडिया पर व्यतीत करते हैं, वहीं आरजू जैसी छात्राओं का ध्यान केवल अपने लक्ष्य पर है। बीडीओ ने अन्य विद्यार्थियों से भी आरजू के पदचिन्हों पर चलने की अपील की।

​इस अवसर पर मानिकपुर के मुखिया अरविंद साह, समाजसेवी अजहर शेख, जदयू प्रखंड अध्यक्ष रविशंकर सिन्हा सहित कई गणमान्य लोगों ने मिठाई खिलाकर आरजू के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

VOB का नजरिया: क्या पीरपैंती बन रहा है शिक्षा का नया केंद्र?

​’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि आरजू खातून की सफलता के गहरे सियासी और सामाजिक मायने हैं।

  1. सरकारी स्कूलों की बदलती तस्वीर: एक उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय की छात्रा का जिला टॉपर बनना यह दर्शाता है कि सरकारी शिक्षण व्यवस्था में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।
  2. नारी सशक्तिकरण: ग्रामीण परिवेश से निकलकर एक छात्रा का 92% अंक लाना यह संदेश देता है कि बेटियां अब किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं।
  3. युवाओं के लिए संदेश: 8 घंटे की नियमित पढ़ाई और सोशल मीडिया से दूरी ही वह रास्ता है जो जिला और स्टेट टॉपर की सूची तक ले जाता है।

निष्कर्ष: सुशासन और शिक्षा की नई उम्मीद

​आरजू खातून की सफलता ने पीरपैंती के अन्य छात्र-छात्राओं के लिए एक नई राह खोल दी है। जिला प्रशासन और स्थानीय प्रतिनिधियों द्वारा किए गए इस सम्मान से निश्चित ही अन्य विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ेगा। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ आरजू के सुनहरे भविष्य और उनके ‘शिक्षिका’ बनने के सपने के साकार होने की कामना करता है।

  • Related Posts

    कांच के टुकड़े, टूटे सपने! ट्रेनों पर पत्थरबाजी करने वालों की अब खैर नहीं; उम्रकैद से लेकर 10 साल तक की जेल, पूर्व रेलवे ने जारी किया ‘खतरनाक’ डेटा

    Share Add as a preferred…

    Continue reading