
गोरखपुर | उत्तर प्रदेश
गोरखपुर में चर्चित लेडी डॉन अंशिका सिंह गैंग के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी आकाश उर्फ बंटी वर्मा को कैंट थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बंटी उस सनसनीखेज गोलीकांड में शामिल था, जिसने जनवरी महीने में पूरे शहर को दहला दिया था।
नंदानगर रेलवे लाइन के पास से गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, बंटी वर्मा को गुप्त सूचना के आधार पर नंदानगर रेलवे लाइन के पास से गिरफ्तार किया गया। वह घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था और अपनी लोकेशन बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था।
बर्थडे पार्टी बनी थी गोलीकांड की वजह
यह मामला 20 जनवरी का है, जो अंशिका सिंह का जन्मदिन भी था। उस दिन अंशिका अपने साथियों के साथ सिंघड़िया इलाके में एक मॉडल शॉप के सामने जन्मदिन मना रही थी।
इसी दौरान उसने अस्पताल प्रबंधक से रंगदारी की मांग की। जब पैसे देने से इनकार किया गया, तो अंशिका ने खुलेआम पिस्तौल निकालकर गोली चला दी।
हालांकि निशाना चूक गया और गोली अस्पताल मैनेजर की जगह उनके ड्राइवर को जा लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
मौके पर ही पकड़ी गई थी अंशिका
घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने साहस दिखाते हुए अंशिका सिंह को हथियार समेत पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया था। तब से वह जेल में बंद है, जबकि उसके अन्य साथियों की तलाश जारी थी।
जेल में भी चर्चा में अंशिका का अंदाज
करीब डेढ़ महीने से जेल में बंद अंशिका सिंह का नाम अब जेल के अंदर भी चर्चा में है। सूत्रों के मुताबिक, वह जेल में अन्य महिला कैदियों के साथ समय बिताती है, योग करती है और भोजपुरी गानों पर डांस कर उन्हें भी सिखाती है।
उसका यह अलग अंदाज जेल प्रशासन और अन्य कैदियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
ब्लैकमेलिंग से ठगे गए 150 से अधिक लोग
जांच में यह भी सामने आया है कि अंशिका सिंह पर करीब 150 लोगों को ब्लैकमेल करने का आरोप है। वह वीडियो कॉल के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाती थी और फिर उनसे पैसे वसूलती थी।
बताया जा रहा है कि इस गैंग के जाल में पुलिसकर्मी और अधिकारी तक फंस चुके हैं।
गैंग पर लगा गैंगस्टर एक्ट
पुलिस ने इस पूरे गैंग पर गैंगस्टर एक्ट भी लगाया है, जिससे अब आरोपियों को जमानत मिलना मुश्किल हो गया है। बंटी वर्मा की गिरफ्तारी के बाद अब इस गैंग के सभी मुख्य सदस्य पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं।
परिवार ने भी तोड़ा नाता
अंशिका के आपराधिक मामलों के सामने आने के बाद उसके परिवार और रिश्तेदारों ने भी उससे दूरी बना ली है। जेल में उससे मिलने केवल उसकी बुआ ही आती हैं।
निष्कर्ष
गोरखपुर पुलिस की इस कार्रवाई से साफ संकेत मिलता है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है। लेडी डॉन अंशिका सिंह गैंग की गिरफ्तारी से इलाके में राहत का माहौल है, वहीं पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।


