TMBU में ‘अनुशासन’ की नई पारी! डॉ. मुकेश सिंह बने विश्वविद्यालय के नए प्रॉक्टर; ABVP ने जताई खुशी, बोले— “छात्र हित की हुई जीत”

HIGHLIGHTS: सिल्क सिटी के शैक्षणिक गलियारों में बड़ा बदलाव; पूर्व कुलानुशासक की विदाई और नए नेतृत्व का आगाज

  • बड़ी नियुक्ति: एस.एम. कॉलेज के पूर्व प्रभारी प्राचार्य डॉ. मुकेश सिंह को तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) का नया प्रॉक्टर नियुक्त किया गया।
  • ABVP का अभिनंदन: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की नगर इकाई ने डॉ. सिंह से भेंट कर पुष्पगुच्छ के साथ किया भव्य स्वागत।
  • छात्रों की मांग: परिषद ने पूर्व कुलानुशासक को हटाने के निर्णय को बताया छात्र हित में बड़ा कदम; लंबे समय से चल रहा था विरोध।
  • अनुशासन की उम्मीद: विश्वविद्यालय परिसर में बेहतर शैक्षणिक माहौल और सख्त अनुशासन स्थापित होने की जगी नई उम्मीद।
  • VOB इनसाइट: डॉ. मुकेश सिंह की छवि एक कड़क और अनुशासित प्रशासक की रही है, जिससे विश्वविद्यालय की बिगड़ती व्यवस्था सुधरने के संकेत हैं।

भागलपुर | 24 मार्च, 2026

​अंग जनपद की प्रतिष्ठित तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) की प्रशासनिक व्यवस्था में आज एक बड़ा फेरबदल देखने को मिला। एस.एम. कॉलेज के पूर्व प्रभारी प्राचार्य डॉ. मुकेश सिंह को विश्वविद्यालय के महत्वपूर्ण ‘प्रॉक्टर’ (कुलानुशासक) पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस नियुक्ति के साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में छात्र राजनीति और प्रशासनिक सक्रियता बढ़ गई है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की रिपोर्ट के अनुसार, छात्र संगठन ABVP ने इस बदलाव का पुरजोर स्वागत करते हुए इसे शैक्षणिक सुधार की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया है।

“अनुशासन की नई इबारत”: डॉ. मुकेश सिंह का स्वागत

​मंगलवार को नियुक्ति की सूचना मिलते ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), भागलपुर नगर इकाई का एक प्रतिनिधिमंडल नवनियुक्त प्रॉक्टर डॉ. मुकेश सिंह से मिलने पहुँचा। कार्यकर्ताओं ने उन्हें बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि उनकी कार्यकुशलता और नेतृत्व क्षमता से विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयां मिलेंगी। परिषद के नेताओं ने स्पष्ट कहा कि परिसर में व्याप्त अव्यवस्था को दूर करने के लिए डॉ. सिंह जैसे कर्मठ और अनुशासित व्यक्तित्व की सख्त जरूरत थी।

VOB डेटा चार्ट: TMBU प्रॉक्टर नियुक्ति और परिषद का स्टैंड

  • नवनियुक्त प्रॉक्टर: डॉ. मुकेश सिंह (पूर्व प्रभारी प्राचार्य, एस.एम. कॉलेज, भागलपुर)।
  • स्वागतकर्ता संगठन: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), भागलपुर।
  • प्रतिनिधिमंडल के मुख्य चेहरे: कुणाल पांडे (प्रदेश सह मंत्री), हैप्पी आनंद (राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य), राजीव रंजन (जिला संगठन मंत्री), हर्ष मिश्रा, किशन सोनी, अमन रॉय और पीयूष भारती (नगर मंत्री)।
  • परिषद का मुख्य आरोप: पूर्व के कुलानुशासक की कार्यशैली छात्र हितों के विपरीत थी, जिसे हटाने की मांग परिषद लंबे समय से कर रही थी।
  • मुख्य फोकस: परिसर में अनुशासन, शैक्षणिक माहौल में सुधार और छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना।

पूर्व कुलानुशासक पर कड़ा प्रहार: “छात्र हित में लिया गया निर्णय”

​ABVP के प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय प्रशासन के इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि पूर्व कुलानुशासक को हटाकर प्रशासन ने छात्रों की आवाज को सुना है। परिषद ने इस बात पर जोर दिया कि पिछले कुछ समय से विश्वविद्यालय में अनुशासनात्मक वातावरण का अभाव था और छात्र अपनी समस्याओं को लेकर असहज महसूस कर रहे थे। परिषद के अनुसार, डॉ. मुकेश सिंह की नियुक्ति के लिए उन्होंने पहले भी कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखी थीं।

VOB का नजरिया: क्या TMBU में थमेगी अराजकता?

​’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि प्रॉक्टर जैसे संवेदनशील पद पर डॉ. मुकेश सिंह का आना एक सकारात्मक संकेत है।

  1. अनुभव का लाभ: एस.एम. कॉलेज में प्राचार्य के तौर पर उनका कार्यकाल अनुशासन के लिए जाना जाता रहा है। वही कड़ाई अब विश्वविद्यालय परिसर में भी दिख सकती है।
  2. छात्रों और प्रशासन के बीच सेतु: छात्र संगठनों का डॉ. सिंह के प्रति यह समर्थन बताता है कि आने वाले दिनों में आंदोलन और विरोध प्रदर्शनों की जगह संवाद और समाधान को अधिक महत्व मिल सकता है।
  3. सुरक्षा और शैक्षणिक सत्र: विश्वविद्यालय में बढ़ती बाहरी तत्वों की दखलंदाजी और सत्रों की अनियमितता के बीच नए प्रॉक्टर के सामने अनुशासन बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होगी।

निष्कर्ष: सुशासन और शैक्षणिक गरिमा की पुनर्स्थापना

​अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विश्वास जताया है कि डॉ. मुकेश सिंह के नेतृत्व में विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं के हितों की रक्षा होगी। अब पूरी सिल्क सिटी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नवनियुक्त प्रॉक्टर किस तरह से अपनी कड़क छवि के अनुरूप विश्वविद्यालय की प्रशासनिक साख को वापस लौटाते हैं।

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