दरभंगा — बिहार के दरभंगा जिले से एक गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एक युवती को प्रेम जाल में फंसाकर तीन वर्षों तक शोषण करने का आरोप लगा है। पीड़िता का आरोप है कि शादी और नौकरी का झांसा देकर उसके साथ लगातार दुष्कर्म किया गया, जिसके बाद वह एक बच्ची की मां बनी। अब न्याय की मांग करने पर उसे धमकियां और जानलेवा हमले का सामना करना पड़ रहा है।
सोशल मीडिया से शुरू हुई कहानी
परिजनों के अनुसार, वर्ष 2022 में युवती की पहचान आरोपी युवक से सोशल मीडिया के माध्यम से हुई थी। बातचीत धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। आरोपी ने बेहतर भविष्य और नौकरी का लालच देते हुए युवती का विश्वास जीत लिया।
इसके बाद वर्ष 2023 में वह युवती को अपने साथ मुंबई ले गया, जहां शादी का वादा कर उसके साथ लगातार शारीरिक संबंध बनाए गए।
बेटी का जन्म, फिर भी नहीं निभाया वादा
पीड़िता ने आरोप लगाया कि इस दौरान उसने एक बच्ची को जन्म दिया, लेकिन आरोपी ने शादी का वादा पूरा नहीं किया। कुछ समय बाद वह युवती को वापस गांव लेकर आया, जहां मामला और गंभीर हो गया।

घर में घुसकर हमला, बच्ची को ले जाने का आरोप
पीड़िता के मुताबिक, फरवरी 2026 में आरोपी अपने परिजनों के साथ उसके घर पहुंचा और उस पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
आरोप है कि हमलावर जाते समय उसकी तीन साल की बच्ची को भी अपने साथ ले गए और उसे बेचने की धमकी दी। इस दौरान बीच-बचाव करने आए परिजनों के साथ भी मारपीट की गई।
धमकियों से सहमा परिवार
परिवार का आरोप है कि आरोपी खुद को प्रभावशाली बताकर लगातार धमकियां दे रहा है। वह दावा करता है कि कानून उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। स्थानीय स्तर पर समझौते की कोशिशें भी नाकाम रही हैं।
पुलिस ने दर्ज की FIR, तलाश जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए बहेड़ा थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस टीम आरोपी की गिरफ्तारी और बच्ची की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
समाज के लिए गंभीर चेतावनी
यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि सोशल मीडिया के जरिए बढ़ते रिश्तों में सावधानी बेहद जरूरी है। साथ ही, यह मामला महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े करता है।
निष्कर्ष
दरभंगा की यह घटना न सिर्फ एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि समाज के सामने एक बड़ा सवाल भी है। अब सभी की नजर पुलिस कार्रवाई पर है कि आरोपी कब गिरफ्तार होता है और पीड़िता को कब न्याय मिलता है।


