भोजपुर परिवहन कार्यालय में अवैध वसूली का बड़ा खुलासा: महिला MVI के भतीजे समेत दो गिरफ्तार, मुख्य आरोपी पर कार्रवाई का इंतजार

आरा — बिहार के भोजपुर जिले में परिवहन विभाग से जुड़ा एक बड़ा भ्रष्टाचार मामला सामने आया है, जिसने सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि एक महिला मोटरयान निरीक्षक (MVI) का भतीजा विभाग की गाड़ी पर बैठकर ट्रक और ट्रैक्टर चालकों से ई-चालान के नाम पर अवैध वसूली कर रहा था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

दिनदहाड़े वसूली, लंबे समय से चल रहा था खेल

मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी भतीजा लंबे समय से परिवहन कार्यालय में सक्रिय था और कथित तौर पर बिना किसी आधिकारिक पद के सरकारी कार्यों में दखल देता था। आरोप है कि वह दफ्तर में बैठकर भी अवैध तरीके से काम करता था और वाहन चालकों से पैसे की उगाही करता था।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह खेल काफी समय से चल रहा था, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

ई-चालान के नाम पर वसूली

सोमवार को नवादा थाना क्षेत्र में यह मामला उस समय उजागर हुआ जब आरोपी महिला MVI की गाड़ी में बैठकर वाहनों को रोककर चालान के नाम पर पैसे वसूल रहा था।

बताया जा रहा है कि ट्रक और ट्रैक्टर चालकों को ई-चालान का डर दिखाकर उनसे जबरन वसूली की जा रही थी। शक होने पर कुछ वाहन मालिकों ने उनसे पूछताछ की, जिसके बाद मामला बढ़ गया।

स्थानीय लोगों ने पकड़ा, पुलिस ने किया गिरफ्तार

स्थिति बिगड़ने पर स्थानीय लोगों ने दोनों आरोपियों को पकड़ लिया और इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची नवादा थाना पुलिस ने महिला MVI की गाड़ी को जब्त कर लिया और दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।

पूछताछ के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर आरा कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

ट्रक ऑनर एसोसिएशन ने उठाई आवाज

भोजपुर जिला ट्रक ऑनर एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय यादव ने इस मामले की सूचना उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई।

उन्होंने कहा कि इस तरह की अवैध वसूली से वाहन मालिकों को काफी परेशानी होती है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है।

सबसे बड़ा सवाल: मुख्य जिम्मेदार पर कब कार्रवाई?

हालांकि इस मामले में दो लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस महिला मोटरयान निरीक्षक की गाड़ी का इस्तेमाल इस अवैध वसूली में किया जा रहा था, उनके खिलाफ कार्रवाई कब होगी।

सूत्रों के अनुसार, पूरे मामले की जांच जारी है और विभागीय स्तर पर भी रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना ने परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिना किसी आधिकारिक पद के किसी व्यक्ति का सरकारी काम में दखल देना और खुलेआम वसूली करना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।

निष्कर्ष

भोजपुर में सामने आया यह मामला केवल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे सिस्टम की जवाबदेही से जुड़ा मुद्दा बन गया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या प्रशासन मुख्य आरोपियों पर भी सख्त कार्रवाई करता है या मामला यहीं ठंडे बस्ते में चला जाएगा।

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