HIGHLIGHTS: पश्चिम एशिया महायुद्ध के बीच दिल्ली से वॉशिंगटन तक हलचल; PM मोदी ने ‘सीक्रेट’ कूटनीति से दुनिया को चौंकाया
- राजसभा में हुंकार: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राज्यसभा में पुष्टि की कि भारत इस वक्त अमेरिका (डोनाल्ड ट्रंप), ईरान और इजराइल के शीर्ष नेतृत्व के साथ निरंतर संपर्क में है।
- शांति की पहल: PM ने कहा— “हमारा लक्ष्य संवाद और कूटनीति के जरिए युद्ध को रोकना और ‘हॉरमुज़ जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को फिर से खुलवाना है।”
- दो राउंड की बातचीत: PM मोदी अब तक खाड़ी देशों और प्रभावित राष्ट्रों के प्रमुखों के साथ दो दौर की टेलीफोनिक बातचीत पूरी कर चुके हैं।
- ट्रंप का ‘5 दिन’ का सस्पेंस: ट्रंप के 5 दिनों तक हमले टालने के एलान के बाद भारत की मध्यस्थता वाली भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है।
- विपक्ष का प्रहार: राहुल गांधी ने PM पर साधा निशाना, कहा— “मोदी सरकार की विदेश नीति अब पूरी तरह ट्रंप के इशारों पर चल रही है।”
नई दिल्ली | 24 मार्च, 2026
दुनियाभर की नज़रें इस वक्त भारत और अमेरिका के रिश्तों पर टिकी हैं। जहाँ एक ओर डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले को 5 दिनों के लिए टालकर ‘शांति वार्ता’ की उम्मीद जगाई है, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारतीय संसद (राज्यसभा) में खड़े होकर देश और दुनिया को बड़ा संदेश दिया है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, PM मोदी ने स्वीकार किया है कि भारत इस वक्त पर्दे के पीछे से युद्ध रोकने के लिए ‘ट्रिपल-कांटेक्ट’ (US, ईरान और इजराइल) की रणनीति पर काम कर रहा है।
संसद में PM का ‘मास्टरस्ट्रोक’: “हम खामोश नहीं, सक्रिय हैं”
राज्यसभा में संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत की कूटनीतिक टीमें वॉशिंगटन और तेहरान, दोनों जगहों पर सक्रिय हैं।
PM मोदी के संबोधन के मुख्य बिंदु:
- अमेरिका से संवाद: भारत लगातार अमेरिकी प्रशासन (डोनाल्ड ट्रंप) के संपर्क में है ताकि युद्ध को और बढ़ने से रोका जा सके।
- ईरान से बात: हाल ही में PM ने ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेशकियन से भी बात की है और भारतीय हितों (विशेषकर तेल और प्रवासियों) की सुरक्षा का मुद्दा उठाया है।
- ऊर्जा सुरक्षा: PM ने देश को भरोसा दिया कि “चाहे युद्ध कितना भी लंबा चले, भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए हर उपलब्ध स्रोत से तेल और गैस जुटा रहा है।”
VOB डेटा चार्ट: मोदी-ट्रंप और ग्लोबल वॉर समीकरण
- PM का दावा: “मैं खुद ईरान, इजराइल और अमेरिका के शीर्ष नेताओं के संपर्क में हूँ।”
- राजनयिक स्थिति: भारत ने ‘तटस्थ’ (Neutral) रहते हुए दोनों पक्षों को शांति की मेज पर लाने की कोशिश की है।
- तेल का ‘रिजर्व’ प्लान: भारत ने अपनी सामरिक तेल क्षमता को बढ़ा दिया है ताकि युद्ध के लंबे खिंचने पर भी देश न थमे।
- विपक्षी आरोप: राहुल गांधी का बयान— “PM मोदी की विदेश नीति अब एक ‘यूनिवर्सल जोक’ है, वे वही कर रहे हैं जो ट्रंप कह रहे हैं।”
- बड़ी चिंता: ‘स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज़’ में फंसे भारतीय चालक दल (Crew Members) की सुरक्षित घर वापसी।
VOB का नजरिया: क्या मोदी बनेंगे ट्रंप और ईरान के बीच ‘ब्रिज’?
’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि PM मोदी का आज का बयान ट्रंप के ‘5 दिन के पॉज’ वाले एलान से जुड़ा हो सकता है।
- मध्यस्थ की भूमिका: ईरान ने ट्रंप के ‘सीक्रेट डील’ वाले दावे को झुठलाया है, लेकिन अगर भारत जैसा मित्र राष्ट्र बीच में आता है, तो ईरान बातचीत के लिए राजी हो सकता है।
- आर्थिक दबाव: राहुल गांधी के आरोपों के बावजूद, PM मोदी का फोकस इस वक्त देश की अर्थव्यवस्था को ‘तेल के झटके’ से बचाने पर है।
- कोविड जैसी तैयारी: PM ने देशवासियों को आगाह किया है कि हमें इस युद्ध के प्रभाव से लड़ने के लिए वैसे ही एकजुट रहना होगा जैसे हम कोरोना महामारी के दौरान रहे थे।
निष्कर्ष: 28 मार्च की तारीख होगी बेहद अहम
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दी गई 5 दिनों की मोहलत 28 मार्च 2026 को खत्म हो रही है। इस बीच PM मोदी की ‘अमेरिका-ईरान’ के साथ चल रही ये बातचीत ही तय करेगी कि दुनिया विनाश की ओर बढ़ेगी या शांति की ओर। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ इस ग्लोबल हलचल की हर एक खबर आप तक सबसे पहले पहुँचाता रहेगा।


