भागलपुर को ‘स्मार्ट’ बनाने की बड़ी तैयारी! करोड़ों की योजनाओं पर मेयर की मुहर; नाली, विज्ञापन और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स से बदलेगी शहर की सूरत

HIGHLIGHTS: नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति की आकस्मिक बैठक संपन्न; जल-जमाव से मुक्ति और राजस्व वृद्धि पर रहा मुख्य फोकस

  • बड़ी राहत: वार्ड संख्या 1 से 51 तक के सभी जल-जमाव वाले क्षेत्रों में कच्चे बड़े नालों के निर्माण को मिली प्रशासनिक स्वीकृति।
  • कमाई का नया प्लान: ‘भागलपुर विज्ञापन नियमावली 2026’ को हरी झंडी; होर्डिंग और विज्ञापनों से हर साल ₹2 करोड़ जुटाने का लक्ष्य।
  • कमर्शियल हब: दीपनगर और नाथनगर में बनेंगे आलीशान शॉपिंग कॉम्प्लेक्स; तातारपुर और दीपनगर में खुलेंगे निगम के अपने पेट्रोल पंप।
  • जन सुविधा: 15वें और पंचम वित्त आयोग की राशि से शहर के हर वार्ड में बनेंगे प्याऊ; कंपनीबाग तालाब का होगा कायाकल्प।
  • VOB इनसाइट: मेयर और नगर आयुक्त की मौजूदगी में लिए गए ये फैसले भागलपुर की बुनियादी समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा कदम हैं।

भागलपुर | 24 मार्च, 2026

​सिल्क सिटी भागलपुर के विकास की गाड़ी अब ‘टॉप गियर’ में आने वाली है। मंगलवार को नगर निगम परिसर स्थित महापौर कार्यालय में सशक्त स्थायी समिति की एक महत्वपूर्ण आकस्मिक बैठक आयोजित की गई। माननीया महापौर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में शहर की सबसे बड़ी समस्या ‘जल-जमाव’ से लेकर निगम की खाली पड़ी जमीनों से कमाई करने तक के कई बड़े प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की रिपोर्ट के अनुसार, इन योजनाओं के धरातल पर उतरने के बाद भागलपुर न केवल सुंदर दिखेगा, बल्कि आत्मनिर्भर नगर निगम की श्रेणी में भी खड़ा होगा।

जल-जमाव का ‘पक्का’ इलाज: वार्ड 1 से 51 तक बिछेगा नालों का जाल

​मानसून आने से पहले शहर को डूबने से बचाने के लिए निगम ने मास्टर प्लान तैयार किया है। बैठक में निर्णय लिया गया कि वार्ड संख्या 1 से 51 तक जहाँ भी जल-जमाव की समस्या है, वहाँ पैकेटों में कच्चे बड़े नालों का निर्माण किया जाएगा। विशेष रूप से वार्ड 1, 3, 4, 5, 6, 8, 10, 13, 15, 20 से 26, 29, 33, 34, 35, 42, 46 और 50 को प्राथमिकता दी गई है। इन करोड़ों के प्राक्कलनों पर मुहर लगने के बाद अब टेंडर की प्रक्रिया तेज की जाएगी।

राजस्व का ‘विज्ञापन मॉडल’: 10 वर्गों में बंटा शहर

​निगम ने अपनी खाली तिजोरी भरने के लिए नई विज्ञापन नियमावली 2026 के प्रारूप को मंजूरी दे दी है। अब शहर में होर्डिंग, यूनिपोल और वाहनों पर विज्ञापन के लिए नए रेट और नियम लागू होंगे। इसके लिए पूरे शहर को 10 अलग-अलग वर्गों में विभाजित किया गया है। अनुमान है कि इस नई व्यवस्था से निगम को सालाना लगभग ₹2 करोड़ का शुद्ध राजस्व प्राप्त होगा।

VOB डेटा चार्ट: भागलपुर नगर निगम का ‘फ्यूचर प्लान’

  • मुख्य योजना: वार्ड 1 से 51 तक बड़े कच्चे नालों का निर्माण (करोड़ों का बजट)।
  • राजस्व लक्ष्य: विज्ञापन नियमावली 2026 के जरिए सालाना ₹2 करोड़ की आय।
  • नए प्रोजेक्ट्स: दीपनगर और नाथनगर अड़गड़ा में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण।
  • ईंधन स्टेशन: दीपनगर और तातारपुर गोदाम की जमीन पर खुलेंगे नए पेट्रोल पंप।
  • वाटर मिशन: 15वें वित्त आयोग से प्रत्येक वार्ड में प्याऊ का निर्माण और रख-रखाव।
  • सौंदर्यीकरण: कंपनीबाग स्थित तालाब का जीर्णोद्धार और खाली जमीनों की घेराबंदी।
  • लंबित भुगतान: सात निश्चय योजना के तहत नाली-गली योजनाओं के बकाये का होगा भुगतान।

खाली जमीनों पर बनेंगे शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और पेट्रोल पंप

​बैठक में निगम की संपत्तियों के सदुपयोग पर ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। दीपनगर स्थित निगम की जमीन पर अब एक बड़ा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और एक पेट्रोल पंप बनाया जाएगा। इसी तरह नाथनगर अड़गड़ा की जमीन का उपयोग शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के लिए और तातारपुर गोदाम की खाली जमीन पर पेट्रोल पंप खोलने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। यह कदम निगम को भविष्य में स्थायी आय का स्रोत प्रदान करेगा।

VOB का नजरिया: क्या समय पर पूरा होगा काम?

​’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि योजनाओं को मंजूरी देना एक प्रक्रिया है, लेकिन उनकी गुणवत्ता और समय सीमा असली चुनौती है।

  1. क्वालिटी कंट्रोल: मेयर ने स्वयं गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। जनता की उम्मीद है कि इस बार नाली निर्माण केवल कागजों तक सीमित न रहे।
  2. राजस्व का पारदर्शी मॉडल: ₹2 करोड़ का विज्ञापन राजस्व तभी मिल पाएगा जब अवैध होर्डिंग पर सख्ती से नकेल कसी जाएगी।
  3. जल-जमाव से मुक्ति: मानसून सिर पर है, ऐसे में कच्चे नालों का निर्माण युद्ध स्तर पर शुरू करना होगा ताकि पिछली बार की तरह शहर नरक न बने।

निष्कर्ष: सुशासन और विकास का नया संकल्प

​बैठक के दौरान उप महापौर, नगर आयुक्त और स्थायी समिति के सभी सदस्यों की सक्रिय भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस बार नगर निगम बड़े बदलाव के मूड में है। मेयर ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि जनहित की योजनाओं में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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