
मालदा — पूर्व रेलवे के मालदा मंडल द्वारा विश्व क्षय रोग (टीबी) दिवस के अवसर पर एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंडल रेल अस्पताल, मालदा की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य आम लोगों में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और इसके उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयासों को मजबूत करना था।
यह कार्यक्रम मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन तथा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनुपा घोष के पर्यवेक्षण में संपन्न हुआ। इस दौरान स्वास्थ्य अधिकारियों, रेलवे कर्मचारियों और स्वयंसेवी संगठनों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
‘Yes! We Can End TB’ थीम पर जोर
इस वर्ष विश्व क्षय रोग दिवस की थीम “Yes! We Can End TB” रखी गई है। इसी के अनुरूप कार्यक्रम में टीबी जैसी गंभीर बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने, समय पर जांच कराने और सही उपचार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि समय रहते पहचान और इलाज से इस बीमारी को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है।
रेलवे कॉलोनी से स्टेशन तक निकली रैली
कार्यक्रम के तहत मंडल रेल अस्पताल से रेलवे कॉलोनी होते हुए मालदा टाउन रेलवे स्टेशन तक एक जागरूकता रैली निकाली गई। इस रैली में भारत स्काउट्स एंड गाइड्स, मालदा के सदस्यों के साथ-साथ अस्पताल के डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों और रेलवे कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
रैली के दौरान प्रतिभागियों ने स्लोगन और बैनर के माध्यम से लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में जानकारी दी। आम यात्रियों और स्थानीय नागरिकों को भी इस अभियान से जोड़ने का प्रयास किया गया।
जल्दी पहचान और इलाज पर दिया जोर
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बताया कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है, लेकिन इसका इलाज संभव है। यदि इसके लक्षणों की समय पर पहचान कर उचित इलाज शुरू किया जाए, तो मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है। लोगों से अपील की गई कि खांसी, बुखार, वजन कम होना जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं।
टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य की ओर कदम
मालदा मंडल ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि वह ‘टीबी मुक्त भारत’ के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार प्रयासरत है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से न केवल रेलवे कर्मचारियों बल्कि आम जनता को भी इस अभियान से जोड़ा जा रहा है।
निष्कर्ष
विश्व क्षय रोग दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। मालदा मंडल की यह कोशिश समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और टीबी जैसी बीमारी को जड़ से खत्म करने के राष्ट्रीय संकल्प को मजबूत करने में सहायक साबित होगी।


