भागलपुर, 23 मार्च 2026: आस्था और सूर्य उपासना के महापर्व चैती छठ के दूसरे दिन ‘खरना’ के अवसर पर भागलपुर के बरारी सीढ़ी घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सोमवार को सुबह से ही छठ व्रती और श्रद्धालु गंगा तट पर पहुंचने लगे, जहां उन्होंने पवित्र स्नान कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
गंगा घाटों पर पूरे दिन भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। व्रतियों ने स्नान के बाद गंगाजल भरकर अपने घरों की ओर प्रस्थान किया, जहां शाम को खरना की पूजा संपन्न की जानी है।
निर्जला व्रत और खरना की तैयारी
चैती छठ के दूसरे दिन व्रती पूरे दिन निर्जला उपवास रखते हैं। शाम को मिट्टी के चूल्हे पर गन्ने के रस से बनी खीर और रोटी तैयार की जाती है, जिसे भगवान सूर्य को अर्पित किया जाता है। इसके बाद प्रसाद ग्रहण कर व्रती 36 घंटे के कठिन निर्जला व्रत का संकल्प लेते हैं।
घर-घर में खरना की तैयारी को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। शुद्धता और परंपरा का विशेष ध्यान रखते हुए प्रसाद तैयार किया जा रहा है, जिससे पूरे वातावरण में श्रद्धा और पवित्रता की अनुभूति हो रही है।
भक्तिमय हुआ शहर, बाजारों में भी रौनक
चैती छठ को लेकर भागलपुर का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया है। घाटों से लेकर घरों तक पूजा की तैयारियां जोरों पर हैं। वहीं बाजारों में भी खास रौनक देखने को मिल रही है, जहां पूजा सामग्री, फल, गन्ना और अन्य आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है।
अर्घ्य के साथ होगा समापन
छठ महापर्व के तीसरे दिन 24 मार्च को व्रती डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देंगे, जबकि 25 मार्च को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ इस चार दिवसीय महापर्व का समापन होगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, छठ पूजा भगवान सूर्य और छठी मैया की आराधना का पर्व है, जो परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और संतान की मंगलकामना के लिए किया जाता है।
श्रद्धालुओं की आस्था की झलक
गंगा घाट पर पूजा करने पहुंची छठ व्रती श्वेता भारती ने बताया कि वह कई वर्षों से यह व्रत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि छठ मैया की कृपा से उनकी मनोकामनाएं पूर्ण हुई हैं और इसी आस्था के साथ वह इस वर्ष भी पूरे विधि-विधान से पूजा कर रही हैं।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। गंगा घाटों पर एसडीआरएफ टीम और आपदा मित्रों की तैनाती की गई है, जो लगातार निगरानी कर रहे हैं।
टीम के सदस्य घाटों पर मुस्तैद रहकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं, ताकि किसी प्रकार की अनहोनी न हो। प्रशासन द्वारा साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया है।
निष्कर्ष
बरारी सीढ़ी घाट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने यह साबित कर दिया कि छठ महापर्व केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, अनुशासन और सामूहिक सहभागिता का अद्वितीय उदाहरण है।
खरना के इस पावन अवसर पर भागलपुर पूरी तरह भक्ति में सराबोर नजर आया, जहां हर ओर छठी मैया और सूर्य देव की आराधना की गूंज सुनाई दी।


