HIGHLIGHTS: रसोई गैस के ‘बैकलॉग’ पर प्रहार; 24 घंटे में बांटे गए 12 हजार से ज्यादा सिलेंडर, कंट्रोल रूम सक्रिय
- बड़ी राहत: भागलपुर जिले में एलपीजी (LPG) गैस की आपूर्ति सामान्य; जिला आपूर्ति पदाधिकारी सुधीर कुमार ने अफवाहों पर लगाया विराम।
- रिकॉर्ड डिलीवरी: 22 मार्च को अकेले एक दिन में 12,791 सिलेंडर उपभोक्ताओं के घर तक पहुँचाए गए।
- एजेंसी नेटवर्क: जिले की सभी 58 गैस एजेंसियों (IOCL, HPCL, BPCL) को ‘होम डिलीवरी’ तेज करने के सख्त निर्देश।
- एक्शन मोड: जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए हर प्रखंड में ‘धावा दल’ का गठन; पुलिस बल की तैनाती।
- VOB इनसाइट: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच स्थानीय स्तर पर सप्लाई ‘स्मूद’ रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती।
भागलपुर | 23 मार्च, 2026
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और वैश्विक तेल संकट की खबरों के बीच भागलपुर के उपभोक्ताओं के लिए एक राहत भरी खबर आई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जिले में रसोई गैस (LPG) का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और किसी भी तरह की किल्लत नहीं होने दी जाएगी। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की रिपोर्ट के अनुसार, जिला आपूर्ति पदाधिकारी सुधीर कुमार ने बैकलॉग को तेजी से खत्म करने और सीधे होम डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए ‘वार-फुटिंग’ पर काम शुरू कर दिया है।
58 एजेंसियों पर ‘पैनी नजर’: समीक्षा से सुधरे हालात
भागलपुर जिले में गैस आपूर्ति के विशाल नेटवर्क को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन ने कमान संभाल ली है। जिले में कुल 58 एलपीजी वितरक सक्रिय हैं, जिनकी हर दिन अनुमंडल और प्रखंड स्तर पर समीक्षा की जा रही है।
- IOCL: 33 वितरक
- HPCL: 16 वितरक
- BPCL: 09 वितरक
जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया कि सभी गैस कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ समन्वय बिठाया गया है ताकि बुकिंग के अनुसार उपभोक्ताओं को बिना देरी सिलेंडर मिल सके।
VOB डेटा चार्ट: भागलपुर LPG सप्लाई रिपोर्ट
- कुल गैस एजेंसियां: 58 (IOCL: 33, HPCL: 16, BPCL: 09)
- 22 मार्च की डिलीवरी: 12,791 गैस सिलेंडर (होम डिलीवरी)।
- सुरक्षा उपाय: सभी प्रखंडों में ‘धावा दल’ का गठन (जमाखोरी के विरुद्ध)।
- कानूनी पहरा: गैस वितरण केंद्रों पर दंडाधिकारी और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति।
- जिला नियंत्रण कक्ष (24/7): 0641-2402871 (शिकायतों के लिए)।
जमाखोरों की खैर नहीं: ‘धावा दल’ रहेगा तैनात
युद्ध की आहट सुनकर अक्सर कुछ मुनाफाखोर गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी शुरू कर देते हैं। इसे रोकने के लिए प्रशासन ने इस बार ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। हर प्रखंड में विशेष ‘धावा दल’ बनाया गया है जो औचक निरीक्षण करेगा। अगर कोई एजेंसी या बिचौलिया निर्धारित कीमत से ज्यादा वसूली या जमाखोरी करता पाया गया, तो उस पर तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी।
VOB का नजरिया: क्या ‘होम डिलीवरी’ ही है असली समाधान?
’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि प्रशासन का ‘होम डिलीवरी’ पर जोर देना एक सराहनीय कदम है।
- भीड़ और कालाबाजारी पर रोक: जब सिलेंडर सीधे घर पहुँचेगा, तो गोदामों पर भीड़ कम होगी और बिचौलियों का खेल खत्म हो जाएगा।
- अफवाहों का अंत: 24/7 कंट्रोल रूम (0641-2402871) शुरू होने से उपभोक्ताओं को सही जानकारी मिल रही है, जिससे ‘पैनिक बुकिंग’ में कमी आएगी।
- पारदर्शिता: जिला प्रशासन को चाहिए कि वह एजेंसियों के स्टॉक का ‘रियल टाइम’ डेटा सार्वजनिक करे ताकि जनता में विश्वास बना रहे।
निष्कर्ष: सुशासन और सतर्कता का मेल
भागलपुर में 12 हजार से अधिक सिलेंडरों की एक दिन में डिलीवरी यह दर्शाती है कि सप्लाई चेन मजबूत है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ उपभोक्ताओं से अपील करता है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी शिकायत के लिए जिला नियंत्रण कक्ष के हेल्पलाइन नंबर पर तुरंत संपर्क करें।


