समस्तीपुर | सोमवार, 23 मार्च 2026 बिहार के समस्तीपुर जिले से मानवता को झकझोर देने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां होटल की आड़ में चल रहे अवैध देह व्यापार रैकेट का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आरोप है कि एक युवती को नौकरी का झांसा देकर कोलकाता से बुलाया गया और फिर उसे बंधक बनाकर जबरन गलत काम में धकेल दिया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
नौकरी का झांसा देकर रची गई साजिश
महिला थाना समस्तीपुर में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, पीड़िता को बेहतर नौकरी का लालच देकर रोसड़ा थाना क्षेत्र के मिर्जापुर स्थित एक होटल में बुलाया गया था। वहां पहुंचने के बाद उसके साथ धोखाधड़ी कर उसे बंधक बना लिया गया। आरोप है कि युवती को जबरन देह व्यापार में शामिल किया गया और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट और दुष्कर्म किया गया।

पीड़िता ने अपने बयान में यह भी बताया कि आरोपियों द्वारा उसे लगातार एक होटल से दूसरे होटल में ले जाया जाता था, ताकि वह किसी से संपर्क न कर सके और इस अवैध धंधे का पर्दाफाश न हो।
पीड़िता की हिम्मत से खुला मामला
काफी दिनों तक शोषण झेलने के बाद किसी तरह पीड़िता ने पुलिस तक अपनी बात पहुंचाई। सूचना मिलते ही महिला थानाध्यक्ष प्रीति भारती के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई और त्वरित कार्रवाई शुरू की गई।
छापेमारी कर दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनकी पहचान दिलीप कुमार (निवासी- बेलसंडी डीह, विभूतिपुर) और सुरेश गिरी उर्फ बौना (निवासी- कोदरिया) के रूप में हुई है। दोनों से पूछताछ की जा रही है।
सिंडिकेट के बड़े नेटवर्क की आशंका
प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि यह कोई छोटा मामला नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह का हिस्सा हो सकता है। पुलिस को शक है कि इस रैकेट में कई और लोग भी शामिल हैं, जो अलग-अलग स्थानों पर इस तरह के अवैध धंधे को संचालित कर रहे हैं।
अन्य आरोपियों की तलाश तेज
महिला थाना प्रभारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर कई अन्य संदिग्धों के नाम सामने आए हैं। पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।
महिला सुरक्षा को लेकर सख्त संदेश
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मामले को स्पीडी ट्रायल के तहत चलाकर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की तैयारी की जा रही है।
यह घटना एक बार फिर समाज को यह सोचने पर मजबूर करती है कि रोजगार के नाम पर होने वाले ऐसे झांसे कितने खतरनाक हो सकते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध नौकरी ऑफर या गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें, ताकि समय रहते ऐसे अपराधों पर रोक लगाई जा सके।


