पटना, 23 मार्च 2026: मोकामा के विधायक आज करीब चार महीने बाद जेल से रिहा होने जा रहे हैं। उन्हें हाल ही में हाई कोर्ट से जमानत मिली है, जिसके बाद आज दोपहर 2 बजे के बाद उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी होगी। इस खबर के बाद उनके समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है और भव्य स्वागत की तैयारियां जोरों पर हैं।
पटना से बख्तियारपुर तक स्वागत की तैयारी
रिहाई के बाद अनंत सिंह सीधे पटना स्थित अपने आवास, 1 मॉल रोड पहुंचेंगे। इसके बाद 24 मार्च की सुबह उनका बड़हिया स्थित महारानी स्थान जाने का कार्यक्रम तय है।
उनकी यात्रा बख्तियारपुर पुराने मार्ग से होगी, जहां रास्ते में कई जगहों पर समर्थक उनका स्वागत करेंगे।
सूत्रों के अनुसार:
- जगह-जगह फूल-मालाओं और बैनरों से स्वागत की तैयारी
- सैकड़ों गाड़ियों का काफिला
- डुमरा में समर्थक के घर भोजन कार्यक्रम
प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
अनंत सिंह की रिहाई को लेकर पटना से बख्तियारपुर तक बड़ी भीड़ जुटने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
- संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात
- ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर विशेष प्लान
- भीड़ नियंत्रण के लिए निगरानी बढ़ाई गई
क्यों हुई थी गिरफ्तारी?
अनंत सिंह को 2025 में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान हुई एक हिंसक घटना के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
बताया गया था कि इस घटना में दुलारचंद यादव की मौत हो गई थी।
- घटना: 30 अक्टूबर 2025
- गिरफ्तारी: 1 नवंबर 2025
- स्थान: बाढ़ के लदमा स्थित आवास
इसके बाद वे लगातार करीब चार महीने तक जेल में रहे।
हाई कोर्ट से मिली राहत
हाई कोर्ट की एकलपीठ ने सुनवाई के बाद उन्हें शर्तों के साथ जमानत दी है। कोर्ट ने साफ कहा है कि:
- किसी भी गवाह को प्रभावित या धमकाने की कोशिश नहीं करेंगे
- हर सुनवाई में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे
यदि इन शर्तों का उल्लंघन होता है, तो जमानत तुरंत रद्द की जा सकती है।
केस में क्या है विवाद?
मामले में अनंत सिंह पर गोली मारने का आरोप लगाया गया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण कुछ अलग सामने आया।
रिपोर्ट के अनुसार:
- लाठी से मारपीट
- वाहन से कुचलना
- शरीर पर कई गंभीर चोटें
साथ ही, घटनास्थल पर उनकी मौजूदगी स्पष्ट रूप से साबित नहीं हो पाई, जो जमानत मिलने का एक महत्वपूर्ण आधार बना।
समर्थकों में जश्न का माहौल
रिहाई की खबर मिलते ही उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
पटना से लेकर बख्तियारपुर तक ‘छोटे सरकार’ के स्वागत के लिए भव्य तैयारियां की जा रही हैं।
कुल मिलाकर, अनंत सिंह की रिहाई ने एक बार फिर बिहार की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। अब सभी की नजरें उनके अगले कदम और राजनीतिक सक्रियता पर टिकी हैं।


