HIGHLIGHTS: बहादुरपुर में ‘दहेज दानवों’ का तांडव; शादी के महज 4 महीने बाद उजड़ गया सिल्क सिटी का एक और आंगन
- बड़ी वारदात: औद्योगिक थाना क्षेत्र के बहादुरपुर में 20 वर्षीया अर्पणा कुमारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत।
- दहेज की मांग: सोने की चेन, अंगूठी और ‘चार पहिया’ वाहन के लिए मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का आरोप।
- पिता का दर्द: पटना DM के निजी ड्राइवर अनिल यादव की बेटी थी मृतका; रातभर का सफर तय कर पटना से पहुँचे पिता को बेड पर मिली बेटी की लाश।
- पुलिस एक्शन: त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी पति सोनू और सास को किया गिरफ्तार।
- सस्पेंस: ससुराल वालों ने कहा ‘फांसी लगाई’, पिता बोले— “गले पर रस्सी के निशान हत्या की ओर इशारा कर रहे हैं।”
भागलपुर / औद्योगिक क्षेत्र | 22 मार्च, 2026
बिहार की ‘सिल्क सिटी’ भागलपुर एक बार फिर दहेज की आग में झुलस गई है। औद्योगिक थाना क्षेत्र के बहादुरपुर इलाके में एक 20 साल की खिलखिलाती जिंदगी का खौफनाक अंत हो गया। मृतका अर्पणा कुमारी, जिसकी डोली महज चार महीने पहले ही उठी थी, उसका शव रविवार सुबह उसके ससुराल के बेड पर पड़ा मिला। पिता अनिल यादव, जो पटना के जिलाधिकारी (DM) के निजी ड्राइवर हैं, उनके लिए यह खबर किसी वज्रपात से कम नहीं थी। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला केवल एक ‘आत्महत्या’ का नहीं, बल्कि गहरी साजिश और लालच की उस कहानी का है जो बिहार के समाज को अंदर ही अंदर खोखला कर रही है।
आधी रात को ‘पड़ोसी’ का फोन और पटना से भागलपुर की वो ‘खौफनाक’ दौड़
अर्पणा की शादी 22 नवंबर 2024 को बहादुरपुर निवासी सोनू कुमार से बड़े ही अरमानों के साथ हुई थी। लेकिन शादी के बाद से ही सुखद भविष्य के सपने ‘सोने की चेन, अंगूठी और कार’ की मांगों के नीचे दबने लगे।
शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब एक बजे, अर्पणा के पिता अनिल यादव को एक पड़ोसी ने फोन कर बेटी की मौत की सूचना दी। बदहवास पिता ने दामाद सोनू को दर्जनों फोन किए, लेकिन दूसरी तरफ से खामोशी रही। आनन-फानन में वे पटना से भागलपुर के लिए रवाना हुए। सुबह करीब 9 बजे जब वे बहादुरपुर पहुँचे, तो वहां का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। घर खुला था, ससुराल वाले गायब थे और उनकी लाड़ली की लाश बिस्तर पर बेजान पड़ी थी।
फांसी या साजिश? गले के निशानों ने खड़ी की ‘शंका’
ससुराल पक्ष का दावा है कि अर्पणा ने दुपट्टे के सहारे पंखे से लटककर खुदकुशी की है। लेकिन मृतका के पिता अनिल यादव ने ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ को बताया कि अर्पणा के गले पर रस्सी के गहरे निशान मिले हैं, जो आमतौर पर गला घोंटने के मामलों में देखे जाते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि अर्पणा अक्सर अपनी मां को फोन पर बताती थी कि पति सोनू उसके साथ मारपीट करता है और कार व गहनों के लिए दबाव बनाया जाता है। पिता का दावा है कि सोची-समझी साजिश के तहत उनकी बेटी की हत्या की गई और इसे सुसाइड का रूप देने की कोशिश की जा रही है।
’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि यह घटना हमारे सिस्टम और समाज की विडंबना को दर्शाती है।
- दहेज का नासूर: 2026 में भी एक 20 साल की लड़की को ‘चार पहिया’ वाहन के लिए अपनी जान गंवानी पड़ रही है। क्या शिक्षा और कानून केवल कागजों तक सीमित हैं?
- पुलिस की तत्परता: औद्योगिक थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पति और सास को गिरफ्तार कर लिया है, जो कि एक सकारात्मक कदम है। अब जरूरत है एक पारदर्शी ‘पोस्टमार्टम रिपोर्ट’ की, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
- पिता का संघर्ष: एक पिता जो पटना में ‘सुशासन’ के बड़े अधिकारियों (DM) के साथ दिन-रात चलता है, जब उसे ही अपनी बेटी के लिए रात के एक बजे सड़कों पर भागना पड़े और अंत में लाश मिले, तो यह पूरे प्रशासन के लिए एक सबक है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी इंसाफ की उम्मीद
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। औद्योगिक थानाध्यक्ष ने बताया कि दहेज हत्या की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि अर्पणा ने खुदकुशी की या उसे मौत के घाट उतारा गया। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ इस दुखद घड़ी में अनिल यादव और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करता है।


