पटना में ‘लव-स्टोरी’ का खौफनाक अंत! प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही भागलपुर की बेटी ने लगाई फांसी; प्रेमी के बगल वाले फ्लैट में रहती थी, शादी होने वाली थी… फिर क्यों दी जान?

HIGHLIGHTS: कस्तूरबा नगर में सन्नाटा; शहनाई बजने से पहले उठी ‘लाल जोड़े’ की अर्थी

  • बड़ी त्रासदी: श्रीकृष्णापुरी (SK Puri) थाना क्षेत्र के कस्तूरबा नगर में 25 वर्षीया छात्रा ने की खुदकुशी।
  • मिस्ट्री: शुक्रवार रात डेढ़ बजे प्रेमी से की थी आखिरी बात, सुबह कमरे में पंखे से झूलती मिली लाश।
  • अनसुलझी पहेली: कोई सुसाइड नोट नहीं मिला; पुलिस और परिजन हैरान कि शादी की बात तय होने के बाद ऐसा कदम क्यों?
  • अंतिम विदाई: भागलपुर से पटना पहुँचे रोते-बिलखते माता-पिता; दीघा घाट पर हुआ अंतिम संस्कार।
  • करियर का दबाव: पटना में रहकर प्रतियोगी परीक्षा (Competitive Exams) की तैयारी कर रही थी मृतका।

पटना | 22 मार्च, 2026

​बिहार की राजधानी पटना, जिसे लाखों युवा अपने सपनों को हकीकत में बदलने की उम्मीद लेकर आते हैं, वहां से एक बार फिर एक ‘सपनों की मौत’ की खबर सामने आई है। श्रीकृष्णापुरी (SK Puri) थाना क्षेत्र के कस्तूरबा नगर इलाके में एक 25 वर्षीया छात्रा ने अपने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। वह मूल रूप से भागलपुर की रहने वाली थी और पटना के इस भीड़भाड़ वाले इलाके में रहकर सरकारी नौकरी के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रही थी। लेकिन शनिवार की सुबह जब उसके कमरे का दरवाजा टूटा, तो उसके पीछे केवल एक खामोश लाश और कई अनसुलझे सवाल मिले। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष पड़ताल में जानिए इस ‘लव-स्टोरी’ और ‘करियर’ के बीच उलझी उस जान की पूरी दास्तां।

कस्तूरबा नगर की वो ‘काली’ रात: डेढ़ बजे क्या हुआ?

​पटना के एसके पुरी थाना क्षेत्र का कस्तूरबा नगर छात्रों का गढ़ माना जाता है। यहाँ भागलपुर की यह युवती पिछले कुछ समय से रह रही थी। इसी मकान के एक दूसरे फ्लैट में उसका प्रेमी भी रहता था। जानकारी के अनुसार, दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था और दोनों के परिवार इस रिश्ते से वाकिफ थे। यहाँ तक कि दोनों की शादी की बात भी लगभग तय हो चुकी थी।

​शुक्रवार की रात करीब डेढ़ बजे युवती और उसके प्रेमी के बीच सामान्य बातचीत हुई। बातचीत के बाद युवती अपने कमरे में सोने चली गई। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यह उनकी आखिरी बातचीत होगी। शनिवार सुबह जब प्रेमी उसके फ्लैट पर पहुँचा और दरवाजा खटखटाया, तो अंदर से कोई हलचल नहीं हुई। कई बार आवाज लगाने और फोन करने के बाद भी जब जवाब नहीं मिला, तो प्रेमी ने आसपास के लोगों और मकान मालिक को सूचना दी।

दरवाजा टूटा और सन्न रह गए लोग: सुसाइड नोट का न मिलना बना रहस्य

​आसपास के लोगों की मौजूदगी में जब कमरे का दरवाजा तोड़ा गया, तो अंदर का मंजर देखकर हर कोई दहल गया। युवती पंखे से फंदा लगाकर झूल रही थी। प्रेमी ने आनन-फानन में उसे नीचे उतारा और दीघा स्थित एक निजी अस्पताल ले गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे ‘ब्रॉट डेड’ (अस्पताल पहुँचने से पहले ही मृत) घोषित कर दिया।

​सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि कमरे की तलाशी के दौरान पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। अक्सर ऐसे मामलों में छात्र अपनी परेशानी लिख जाते हैं, लेकिन यहाँ खामोशी ने गुत्थी को और उलझा दिया है। क्या यह करियर का तनाव था? क्या प्रेमी के साथ कोई गुप्त अनबन थी? या फिर कुछ और? पुलिस इन सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।

भागलपुर से पटना तक गम का सैलाब: दीघा घाट पर अंतिम विदाई

​जैसे ही इस घटना की सूचना भागलपुर में युवती के परिजनों को मिली, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। जिस बेटी को उन्होंने अफसर बनाने के लिए पटना भेजा था, उसकी मौत की खबर ने परिवार को तोड़ दिया। शनिवार शाम को माता-पिता पटना पहुँचे। पुलिस ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। शनिवार की देर शाम पटना के दीघा घाट पर नम आंखों से युवती का दाह संस्कार कर दिया गया। गंगा की लहरों के साथ एक और महत्वाकांक्षी जीवन विदा हो गया।

VOB का नजरिया: पटना के ‘प्रेशर कुकर’ में घुटता युवाओं का दम

​’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि पटना के कस्तूरबा नगर, बोरिंग रोड और बाजार समिति जैसे इलाकों में रहने वाले छात्र एक अदृश्य ‘प्रेशर कुकर’ में जी रहे हैं। 25 साल की उम्र वह पड़ाव है जहाँ समाज और परिवार का दबाव चरम पर होता है।

  1. करियर बनाम शादी: अक्सर लड़कियों पर जल्दी शादी करने और साथ ही सफल होने का दोहरा दबाव होता है। हालांकि इस मामले में शादी तय थी, लेकिन शायद सफल होने की कशमकश अंदर ही अंदर उसे खा रही थी।
  2. मानसिक स्वास्थ्य: पटना जैसे कोचिंग हब में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। छोटे कमरों में बंद ये छात्र अक्सर डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं।
  3. प्रेमी की भूमिका: पुलिस प्रेमी से भी पूछताछ कर रही है कि क्या डेढ़ बजे की बातचीत में कोई विवाद हुआ था? बिना सुसाइड नोट के प्रेमी का बयान ही सबसे अहम कड़ी है।

सावधानी और अपील: अगर आप या आपका कोई जानने वाला किसी भी तरह के तनाव से गुजर रहा है, तो कृपया बात करें। आत्महत्या किसी समस्या का समाधान नहीं है। बिहार सरकार के हेल्पलाइन नंबरों या मनोचिकित्सकों की मदद जरूर लें।

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