
HIGHLIGHTS: इबादत, दुआ और भाईचारे का ‘महा-कवरेज’; खानकाहों में टेका माथा
- अकीदत का सफर: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ईद-ul-फ़ितर के मौके पर राजधानी की ऐतिहासिक खानकाहों का किया सघन भ्रमण।
- दुआओं का घेरा: खानकाह-मुजीबिया के सज्जादा नशीं हजरत आयतुल्ला कादरी से लेकर मित्तन घाट तक मिला बुजुर्गों का आशीर्वाद।
- अमन का पैगाम: मुख्यमंत्री ने राज्य की सुख-शांति और समृद्धि के लिए मांगी मन्नत; बोले— “बिहार की प्रगति में सबका साथ जरूरी।”
- पावरफुल टीम: अशोक चौधरी और संजय झा समेत दिग्गज मंत्रियों और अधिकारियों का काफिला रहा साथ।
पटना | 21 मार्च, 2026
बिहार की सियासत और संस्कृति का सबसे खूबसूरत चेहरा आज पटना की सड़कों पर नजर आया। ईद-उल-फितर के पाक मौके पर मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने अपनी ‘सोशल इंजीनियरिंग’ और ‘गंगा-जमुनी तहजीब’ की परंपरा को दोहराते हुए राज्य के सबसे बड़े आध्यात्मिक केंद्रों में हाजिरी लगाई। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) के कैमरे और रिपोर्टर्स ने मुख्यमंत्री के इस ‘दुआ सफर’ को करीब से देखा, जहाँ सियासत के शोर से दूर केवल ‘अमन’ की गूंज थी।
खानकाह-मुजीबिया से शुरू हुआ ‘इबादत’ का सिलसिला
मुख्यमंत्री का दौरा सुबह फुलवारीशरीफ से शुरू हुआ। वे सीधे खानकाह-मुजीबिया पहुँचे, जहाँ उन्होंने सज्जादा नशीं हजरत सैयद शाह आयतुल्ला कादरी से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने काफी देर तक उनसे आध्यात्मिक चर्चा की और प्रदेश की तरक्की के लिए दुआएं लीं। यहाँ के बाद नीतीश कुमार का काफिला सीधे पटना सिटी की ओर मुड़ा।
पटना सिटी में ‘दुआ-ए-खैर’: मित्तन घाट पर उमड़ा जनसैलाब
पटना सिटी के मित्तन घाट स्थित खानकाह-ए-मुनएमिया पहुँचते ही मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत हुआ। यहाँ उन्होंने सज्जादा नशीं हजरत सैयद शाह शमीमुद्दीन अहमद मुनअमी के साथ मिलकर बिहार की खुशहाली के लिए दुआ की। इसके तुरंत बाद, वे तकिया शरीफ स्थित खानकाह बारगाहे इश्क पहुँचे। यहाँ के सज्जादा नशीं सैयद शाह ख्वाजा आमिर शाहिद के साथ मुख्यमंत्री ने ईद की खुशियां साझा कीं और वहां मौजूद आम लोगों से भी मिले।
नीतीश के साथ ‘पावर कॉरिडोर’ के दिग्गज
मुख्यमंत्री के इस भ्रमण में सरकार और संगठन का बड़ा चेहरा साथ नजर आया। ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी, जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, वरिष्ठ नेता श्याम रजक और विधान पार्षद संजय गांधी साये की तरह साथ रहे। प्रशासनिक मोर्चे पर पटना के डीएम डॉ० त्यागराजन एस०एम० और एसएसपी कार्तिकेय के० शर्मा सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल रहे थे।
VOB का नजरिया: क्या ‘दुआओं का यह दौर’ बिहार के सामाजिक ताने-बाने की ढाल है?
नीतीश कुमार का हर साल ईद पर इन आध्यात्मिक केंद्रों में जाना महज एक फोटो-अपॉर्चुनिटी नहीं है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि जब मुख्यमंत्री खुद खानकाहों की चौखट पर बैठते हैं, तो यह उन ताकतों को कड़ा संदेश होता है जो समाज को बांटना चाहती हैं।
आज के इस दौर में, जहाँ डिजिटल दुनिया में नफरत तेजी से फैलती है, मुख्यमंत्री का जमीन पर उतरकर ‘दुआ-ए-खैर’ करना बिहार के उस ‘पुराने और मजबूत’ भाईचारे को जिंदा रखता है। मुख्यमंत्री ने साफ़ कर दिया है कि बिहार का विकास तभी होगा जब यहाँ की हवाओं में अमन और दिलों में मोहब्बत होगी।


