आईपीएल 2026 शुरू होने से पहले ही टीमों की तैयारियों को बड़ा झटका लगा है। टूर्नामेंट के आगाज से ठीक पहले कई अहम खिलाड़ी चोट, फिटनेस और अन्य कारणों से बाहर हो गए हैं, जबकि कुछ की उपलब्धता अब भी अनिश्चित बनी हुई है। ऐसे में फ्रेंचाइज़ियों को अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ रहा है।
7 खिलाड़ी पूरे सीजन से बाहर
इस सीजन में अब तक 7 खिलाड़ी पूरी तरह बाहर हो चुके हैं, जिससे कई टीमों का संतुलन बिगड़ गया है:
- हर्षित राणा (KKR) – घुटने की चोट के कारण बाहर
- नाथन एलिस (CSK) – हैमस्ट्रिंग इंजरी
- सैम करन (RR) – कमर की समस्या
- जैक एडवर्ड्स (SRH) – पैर में चोट
- वानिंदु हसरंगा (LSG) – हैमस्ट्रिंग इंजरी
- अथर्व अंकोलेकर (MI) – घुटने की सर्जरी
- मुस्तफिजुर रहमान (KKR) – रिलीज, टीम में बदलाव
इन खिलाड़ियों के बाहर होने से टीमों को मजबूरी में नए विकल्प तलाशने पड़ रहे हैं।
9 खिलाड़ियों पर बना सस्पेंस
कुछ बड़े नाम ऐसे भी हैं जिनकी फिटनेस को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है:
- पैट कमिंस (SRH) – शुरुआती मैच मिस कर सकते हैं
- जोश हेजलवुड (RCB) – चोट से उबर रहे हैं
- मिचेल स्टार्क (DC) – वर्कलोड मैनेजमेंट
- मथीशा पथिराना (KKR) – मिड-सीजन वापसी संभव
- इशान मलिंगा (SRH) – कंधे की चोट
- लॉकी फर्ग्यूसन (PBKS) – निजी कारण
- मैथ्यू शॉर्ट (CSK) – अंगूठे की चोट
- मयंक यादव (LSG) – फिटनेस पर सवाल
- मोहसिन खान (LSG) – सर्जरी के बाद रिकवरी
इन खिलाड़ियों की अनुपस्थिति या देरी से वापसी टीमों के शुरुआती प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है।
टीमों की रणनीति पर असर
इतने बड़े स्तर पर खिलाड़ियों के बाहर होने से टीम मैनेजमेंट के सामने कई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं:
- प्लेइंग इलेवन में बदलाव
- नए खिलाड़ियों को मौका
- बैलेंस बनाए रखना
- कप्तानी और बॉलिंग कॉम्बिनेशन पर असर
कुछ टीमें रिप्लेसमेंट खिलाड़ियों की तलाश में हैं, जबकि कुछ बिना बदलाव के ही आगे बढ़ने का जोखिम उठा रही हैं।
IPL 2026 का शेड्यूल और टीमें
आईपीएल 2026 का आगाज 28 मार्च से होने जा रहा है, जबकि फाइनल मुकाबला 31 मई को खेला जाएगा। इस सीजन में 10 टीमें हिस्सा ले रही हैं:
- चेन्नई सुपर किंग्स
- मुंबई इंडियंस
- कोलकाता नाइट राइडर्स
- रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु
- दिल्ली कैपिटल्स
- पंजाब किंग्स
- राजस्थान रॉयल्स
- सनराइजर्स हैदराबाद
- लखनऊ सुपर जायंट्स
- गुजरात टाइटंस
दिलचस्प होगा मुकाबला
इस बार का आईपीएल सिर्फ खिलाड़ियों के प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि टीमों की रणनीति और बेंच स्ट्रेंथ की भी परीक्षा लेने वाला है।
कई स्टार खिलाड़ियों के बाहर होने से नए चेहरों को मौका मिलेगा और यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन सी टीम इन चुनौतियों के बीच सबसे बेहतर प्रदर्शन कर पाती है।


